हजारीबाग में सरकारी फंड पर कथित डाका! जानें क्या है मामला

हजारीबाग में सरकारी फंड पर कथित डाका! जानें क्या है मामला

हजारीबाग में सरकारी फंड पर कथित डाका! जानें क्या है मामला
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 26, 2026, 3:42:00 PM

हजारीबाग जिले के बरकट्ठा प्रखंड अंतर्गत शिलाड़ीह पंचायत में सरकारी योजना की राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। पंचायत के मुखिया निजाम अंसारी द्वारा की गई शिकायत के आधार पर जिला प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से जांच करने का निर्देश दिया है। आरोप पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से जुड़ी सोख्ता गड्ढा निर्माण योजना में भुगतान संबंधी अनियमितताओं से जुड़े हैं।

मुखिया ने उप विकास आयुक्त को सौंपे अपने आवेदन में दावा किया है कि झरपो गांव के संतोष साव और तुलेश्वर साव ने विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत से सरकारी राशि का अनुचित लाभ उठाया। शिकायत के अनुसार, मुखिया और जल सहिया के कथित फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर लगभग 14 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई। आवेदन में यह भी कहा गया है कि भुगतान प्रक्रिया के दौरान निर्धारित सरकारी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।

शिकायत में एक और गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि सोख्ता गड्ढा निर्माण के एक ही कार्य के लिए दो बार भुगतान किया गया। यदि जांच में यह तथ्य सही साबित होता है, तो इसे सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला माना जाएगा। मुखिया ने पूरे भुगतान की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उप विकास आयुक्त ने ज्ञापांक-684/2026 जारी कर जिला पंचायत राज पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता और बरकट्ठा के प्रखंड विकास पदाधिकारी को संयुक्त जांच करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों से कहा गया है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की बिंदुवार जांच कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करें, ताकि उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके।

मुखिया ने अपने आवेदन में यह भी सवाल उठाया है कि जिन लोगों और कार्यों को लेकर पहले से शिकायतें लंबित थीं, उनकी जांच पूरी होने से पहले ही उन्हें अन्य प्रखंडों में भी नए कार्य आवंटित कर दिए गए। उन्होंने इसे विभागीय पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

निजाम अंसारी ने चेतावनी दी है कि यदि जांच को प्रभावित करने, मामले को दबाने या दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया तो वह न्याय के लिए उच्च न्यायालय का रुख करेंगे। साथ ही उन्होंने कथित रूप से निकाली गई सरकारी राशि की वसूली और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की है।