हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में हुई घटना का खुलासा होने के बाद राज्य की सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा प्रहार किया है, जबकि पुलिस की कार्रवाई की सराहना भी की है।
उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक, हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक और जांच में शामिल टीम की तत्परता की प्रशंसा करते हुए कहा कि समय रहते सच्चाई सामने लाकर पुलिस ने भ्रम की स्थिति को खत्म किया है। उन्होंने इसे पेशेवर और जिम्मेदार कार्रवाई बताया।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से भाजपा इस मुद्दे को लेकर राज्यभर में डर और भ्रम का माहौल बनाने में जुटी थी। उनके मुताबिक, बिना पूरी जानकारी के भाजपा नेताओं ने बयानबाजी की और मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जैसे ही तथ्य सामने आए, भाजपा के आरोप खुद-ब-खुद कमजोर पड़ गए।
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जिस तरह घटना के दौरान भाजपा नेताओं में मीडिया के सामने आने की होड़ लगी थी, उसी तरह अब उन्हें सामने आकर जनता से माफी मांगनी चाहिए। दूबे का दावा है कि सच्चाई उजागर होने के बाद भाजपा को अपनी भूमिका पर आत्ममंथन करना चाहिए।
आलोक दूबे ने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रकरण से जुड़ा एक आरोपी भाजपा से संबंध रखता है और वह पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ सक्रिय रूप से नजर आता रहा है। उन्होंने कहा कि यह मामला दर्शाता है कि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही थी, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
कांग्रेस महासचिव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में विभिन्न अवैध गतिविधियों से जुड़े तत्वों को भाजपा का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा के प्रदेश नेतृत्व और विधानसभा में विपक्ष के नेता को जिम्मेदार ठहराते हुए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भाजपा इस मामले में अपनी गलती स्वीकार नहीं करती, तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संवेदनशील मामलों में जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने देना चाहिए, लेकिन भाजपा ने शुरुआत से ही इस मुद्दे को राजनीतिक दिशा देने की कोशिश की, जो अनुचित है।