भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुमला जिले की पंचायत सचिव किरण कुसुम खलखो के खिलाफ कथित घूसखोरी मामले में अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। एजेंसी ने अपनी जांच रिपोर्ट में दावा किया है कि बकाया भुगतान और अंतिम बिल मंजूर कराने के एवज में रिश्वत लेने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
सोमवार को कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट में ACB ने पूरे घटनाक्रम को विस्तार से रखा है। जांच एजेंसी ने दस्तावेजी और तकनीकी प्रमाणों का हवाला देते हुए कहा है कि आरोपी पंचायत सचिव के खिलाफ दर्ज आरोप जांच में पुष्ट हुए हैं। मामले से जुड़े कई तथ्यों का भी आरोपपत्र में उल्लेख किया गया है।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत ने अभियोजन स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने तक अगली सुनवाई की तारीख 21 मई निर्धारित की है।
यह मामला मार्च महीने में सामने आया था। ACB ने 12 मार्च को गुमला जिले में कार्रवाई करते हुए किरण कुसुम खलखो को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उस समय वह बिशुनपुर प्रखंड की सेरका पंचायत में पदस्थापित थीं। आरोप था कि उन्होंने लंबित भुगतान और अंतिम बिल पारित कराने के बदले 8 हजार रुपये की मांग की थी।
गिरफ्तारी के बाद से आरोपी न्यायिक हिरासत में है। रांची स्थित ACB की विशेष अदालत पहले ही उसकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। इसके बाद अब उसने राहत के लिए झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।