झारखंड के गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड स्थित असुर हड्डी और डूबा क्षेत्र के जंगल इन दिनों चर्चा में हैं। यहां ‘सफेद सोना’ कहे जाने वाले लिथियम के संभावित भंडार को लेकर हलचल तेज हो गई है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने इन इलाकों में विस्तृत सर्वेक्षण और ड्रिलिंग कार्य पूरा किया है, जिसके बाद संभावनाओं को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, GSI की टीम ने पहाड़ी और वन क्षेत्रों में कई स्थानों पर ड्रिलिंग कर भू-वैज्ञानिक परीक्षण किए। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद सभी ड्रिलिंग साइट्स को चिन्हित कर सील कर दिया गया है। इन स्थानों पर की गई मार्किंग को देखते हुए स्थानीय स्तर पर यह माना जा रहा है कि क्षेत्र में लिथियम की मौजूदगी की संभावना मजबूत है। हालांकि, इस विषय में अब तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बताया जाता है कि इन इलाकों में लिथियम के संभावित भंडार की चर्चा लंबे समय से होती रही है। इसी के मद्देनजर GSI ने करीब एक वर्ष पहले यहां वैज्ञानिक सर्वेक्षण शुरू किया था।
दिलचस्प बात यह भी है कि इसी क्षेत्र की असुर हड्डी पहाड़ी पर पहले अवैध खनन के मामले सामने आ चुके हैं। करीब एक साल पहले पत्थर तस्करों द्वारा यहां गैरकानूनी उत्खनन कर कीमती रत्न जैसे पोखराज, गोमेद और अन्य खनिजों की तस्करी किए जाने की जानकारी मिली थी। अब GSI के सर्वेक्षण के बाद इस क्षेत्र में खनिज संपदा की संभावनाओं को लेकर उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं, हालांकि अंतिम तस्वीर आधिकारिक पुष्टि के बाद ही साफ हो सकेगी।