गिरिडीह : लाइन शिफ्टिंग और फीडर आवंटन में गड़बड़ी के आरोपों से घिरा बिजली विभाग

गिरिडीह : लाइन शिफ्टिंग और फीडर आवंटन में गड़बड़ी के आरोपों से घिरा बिजली विभाग

गिरिडीह : लाइन शिफ्टिंग और फीडर आवंटन में गड़बड़ी के आरोपों से घिरा बिजली विभाग
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 20, 2026, 5:40:00 PM

गिरिडीह (दक्षिण) विद्युत आपूर्ति प्रमंडल में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने बड़ा आरोप लगाया है. संघ ने विद्युत कार्यपालक अभियंता मृणाल गौतम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. इस संबंध में संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को विस्तृत शिकायत भेजी है.

श्रमिक संघ का आरोप है कि विभागीय प्रक्रियाओं की अनदेखी कर कई ऐसे निर्णय लिए गए, जिनसे बिजली निगम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. साथ ही उपभोक्ताओं में भी नाराजगी बढ़ी है. शिकायत में कहा गया है कि डुमरी क्षेत्र के 11 केवी गोमिया फीडर से जुड़े कार्यों, ताराटांड़ सब स्टेशन से एक निजी फैक्ट्री को समर्पित फीडर उपलब्ध कराने, लाइन शिफ्टिंग के मामलों और उपभोक्ता संख्या JMB1493 से संबंधित प्रक्रियाओं में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं.

संघ ने दावा किया है कि इन मामलों में लाखों रुपये की अवैध वसूली की गई और कई कार्य नियमों के विपरीत तरीके से संपन्न कराए गए. अजय राय ने आरोप लगाया कि आम उपभोक्ताओं के कार्य बिना पैसे के नहीं हो पा रहे हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि बिजली विभाग में पारदर्शिता लगभग समाप्त हो चुकी है और भ्रष्टाचार का माहौल बना हुआ है.

शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित अधिकारी नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते, जिसके कारण उपभोक्ताओं के साथ-साथ विभागीय कर्मचारियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. संघ का कहना है कि इस स्थिति का सीधा असर बिजली सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ रहा है.

झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. मामले को गंभीर बताते हुए शिकायत की प्रतियां मुख्यमंत्री सचिवालय, राज्य के मुख्य सचिव और बिजली निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई हैं.