गिरिडीह में होमगार्ड भर्ती बहाल करने की मांग तेज, अभ्यर्थियों ने नंगे पैर किया प्रदर्शन

गिरिडीह में होमगार्ड भर्ती बहाल करने की मांग तेज, अभ्यर्थियों ने नंगे पैर किया प्रदर्शन

गिरिडीह में होमगार्ड भर्ती बहाल करने की मांग तेज, अभ्यर्थियों ने नंगे पैर किया प्रदर्शन
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 12, 2026, 2:55:00 PM

गिरिडीह में लंबे समय से रुकी होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने शहर के झंडा मैदान से उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। खास बात यह रही कि प्रदर्शनकारी नंगे पैर मार्च करते हुए प्रशासन तक अपनी नाराजगी और पीड़ा पहुंचाने की कोशिश करते नजर आए।

प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी पर सवाल उठाए। बाद में अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की।

अभ्यर्थियों का कहना है कि जमुआ, गांडेय और गांवा प्रखंडों में होमगार्ड नियुक्ति प्रक्रिया काफी समय से अधूरी पड़ी है। भर्ती की घोषणा होने के बाद हजारों युवाओं ने तैयारी में आर्थिक संसाधन और समय लगाया, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इससे उम्मीदवारों के बीच असमंजस और निराशा की स्थिति बनी हुई है।

प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने आरोप लगाया कि वे पहले भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मिल चुके हैं। हर बार उन्हें भरोसा दिया गया, लेकिन अब तक भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आया। उनका कहना है कि बेरोजगारी की समस्या पहले से गंभीर है और नियुक्ति में लगातार देरी युवाओं के मनोबल को तोड़ रही है।

नंगे पैर मार्च को अभ्यर्थियों ने अपने संघर्ष और मजबूरी का प्रतीक बताया। कई युवाओं ने कहा कि वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और नौकरी की उम्मीद में वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया लंबित रहने से उनके परिवारों पर भी असर पड़ रहा है।

उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि भर्ती प्रक्रिया की नई तिथि जल्द घोषित की जाए और चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से पूरा कराया जाए। प्रदर्शन के मद्देनजर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी, हालांकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा।

अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि रोजगार और अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी।