कोल्हान विश्वविद्यालय ने बीएड तीसरे सेमेस्टर (सत्र 2023–25) के परिणाम जारी करने की प्रक्रिया के दौरान बड़ा कदम उठाते हुए कई कॉलेजों के नतीजों को रोक दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक संबंधित संस्थानों की ओर से आंतरिक मूल्यांकन (इंटर्नल) के अंक समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण यह निर्णय लिया गया। इस फैसले से 500 से अधिक छात्रों का रिजल्ट फिलहाल अटका हुआ है।
जनवरी 2026 में आयोजित परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय ने आंशिक रूप से प्रोविजनल परिणाम घोषित किया है। कुल 16 कॉलेजों में से केवल 10 संस्थानों के नतीजे ही सार्वजनिक किए गए हैं, जबकि बाकी के परिणाम लंबित रखे गए हैं। जिन कॉलेजों पर रोक लगाई गई है, उनमें बहरागोड़ा कॉलेज, ग्रेजुएट कॉलेज, महिला कॉलेज चाईबासा, एमबीएनएस बीएड कॉलेज, डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन, आशु किस्कु मेमोरियल और रबी किस्कु शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान प्रमुख हैं। दूसरी ओर, जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज और करीम सिटी कॉलेज समेत अन्य संस्थानों के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं।
विश्वविद्यालय के इस फैसले पर संबंधित कॉलेजों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उन्होंने समयसीमा के भीतर ही आंतरिक अंक जमा कर दिए थे। कॉलेज प्रबंधन का तर्क है कि यदि किसी स्तर पर कोई त्रुटि थी, तो विश्वविद्यालय को पहले स्पष्टीकरण मांगना चाहिए था, न कि सीधे छात्रों के परिणाम पर रोक लगानी चाहिए थी।
इस पूरे मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जैसे ही सभी आवश्यक अंक प्राप्त हो जाएंगे, रोके गए कॉलेजों के परिणाम भी जारी कर दिए जाएंगे। फिलहाल इस स्थिति ने छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच चिंता और असमंजस का माहौल पैदा कर दिया है।