कैरव गांधी अपहरण केस में बड़ा खुलासा! पंजाब का तेजिंदर पाल निकला मास्टरमाइंड, गिरफ्तार

कैरव गांधी अपहरण केस में बड़ा खुलासा! पंजाब का तेजिंदर पाल निकला मास्टरमाइंड, गिरफ्तार

कैरव गांधी अपहरण केस में बड़ा खुलासा! पंजाब का तेजिंदर पाल निकला मास्टरमाइंड, गिरफ्तार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 07, 2026, 2:18:00 PM

जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सीएच एरिया निवासी युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण मामले में पुलिस जांच के दौरान कई सनसनीखेज जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक इस हाई-प्रोफाइल अपहरण की साजिश का मुख्य सूत्रधार पंजाब के लुधियाना जिले का रहने वाला तेजिंदर पाल सिंह उर्फ ‘सरदार जी’ है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस अब इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि अपहरण के बाद फिरौती की रकम वसूली गई थी या नहीं। 

यह घटना 13 जनवरी की है, जब अपराधियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर कैरव गांधी को सीएच एरिया से जबरन एक वाहन में बैठाया और अपहरण कर लिया। घटना के बाद जिलेभर में हड़कंप मच गया था और पुलिस ने बड़े स्तर पर छापेमारी शुरू की थी।

पुलिस दबाव बढ़ने पर अपहृत युवक को 26 जनवरी की रात हजारीबाग जिले के चौपारण–बरही सीमा क्षेत्र के पास छोड़ दिया गया था। एसएसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि केस का बड़ा खुलासा गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद इमरान उर्फ आमिर से पूछताछ के बाद हुआ। इमरान नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र का निवासी है और मुठभेड़ के दौरान घायल भी हुआ था। मुठभेड़ में कुल तीन अपहरणकर्ता घायल हुए थे, जिन्हें इलाज के बाद जेल भेज दिया गया।

मानगो में बनी थी पूरी रणनीति, 12 लोग थे शामिल

पूछताछ में इमरान ने पुलिस को बताया कि अपहरण की योजना जमशेदपुर के मानगो इलाके में तैयार की गई थी। इस साजिश में कुल 12 लोग शामिल थे और सभी गतिविधियां तेजिंदर पाल सिंह के निर्देश पर संचालित हो रही थीं। इमरान के बयान के अनुसार, अपहरण में इस्तेमाल वाहन की खरीद के लिए तेजिंदर ने चार लाख रुपये उपलब्ध कराए थे। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि अपराध में इस्तेमाल की गई पुरानी स्कॉर्पियो गाड़ी OLX के माध्यम से पटना से खरीदी गई थी।

इसके अलावा हथियार और कारतूस की व्यवस्था भी पहले से कर ली गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद तेजिंदर पाल सिंह और उसका सहयोगी साद आलम इंडोनेशिया भाग गए थे। वहीं से कथित रूप से अपहृत युवक के परिजनों से फिरौती को लेकर संपर्क किया जा रहा था। इमरान ने बताया कि उसकी पहचान तेजिंदर से साद आलम के जरिए हुई थी।

महीनों पहले से चल रही थी तैयारी

पुलिस के अनुसार अपराधियों ने घटना से पहले कई महीनों तक जमशेदपुर में किराए का मकान तलाशा, पुलिस गतिविधियों की रेकी की और फिर पूरे अपहरण की योजना को अंतिम रूप दिया। इस केस में पुलिस अब तक गुड्डू सिंह, उपेंद्र सिंह, मोहम्मद इमरान, मोहन कुमार और अर्जुन सिंह समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अधिकांश आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि फिरौती की रकम ली गई थी या नहीं और अगर ली गई तो उसका क्या हुआ। फिलहाल यह मामला एक संगठित अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क के रूप में उभरकर सामने आया है।