जमशेदपुर के परसुडीह थाना अंतर्गत बारीगोड़ा रेल फाटक के समीप सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। इस दुर्घटना में 16 वर्षीया किशोरी अंजलि कुमारी की मौके पर ही जान चली गई, जबकि स्कूटी पर उसके साथ मौजूद करीब 10 वर्षीय चचेरी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल बच्ची को तत्काल टाटा मोटर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रहरगोड़ा से साकची की ओर जा रही भोले शंकर नामक यात्री बस रेल फाटक बंद होने के कारण वहीं रुकी हुई थी। आरोप है कि चालक और खलासी बस में हैंडब्रेक लगाए बिना ही उसे छोड़कर चाय पीने चले गए। इसी दौरान ढलान पर खड़ी बस अचानक पीछे की ओर लुढ़क गई और पीछे खड़ी स्कूटी को रौंदते हुए उसे अपने नीचे ले लिया।
मृतका अंजलि कुमारी परसुडीह थाना क्षेत्र के बारीगोड़ा स्थित सुभाष टोला की निवासी थी। बताया गया कि वह किसी जरूरी खरीदारी के लिए घर से निकली थी और उसकी चचेरी बहन निधि कुमारी भी साथ थी, जिसकी उम्र 10 से 12 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
हादसे की खबर फैलते ही इलाके में अफरातफरी मच गई। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हो गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए सड़क जाम कर दिया। गुस्सा बढ़ने पर प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक भी बाधित कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। इसी दौरान आक्रोशित भीड़ ने बस में तोड़फोड़ की, जिससे वाहन को भारी क्षति पहुंची।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रहरगोड़ा–साकची मार्ग पर चलने वाली अधिकांश बसें तकनीकी रूप से जर्जर हैं, इसके बावजूद उन्हें बिना उचित जांच के सड़कों पर चलाया जा रहा है। लोगों ने इस हादसे के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए बसों की फिटनेस जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की।
परिजनों के अनुसार, अंजलि के पिता संतोष कुमार ठाकुर एक सैलून चलाते हैं। अंजलि तीन बहनों में सबसे बड़ी थी और घर की जिम्मेदारियों में परिवार का सहारा बनती थी। परिवार ने बस चालक और खलासी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ उचित मुआवजे की मांग उठाई है।
घटना की सूचना मिलते ही परसुडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है। बस चालक की लापरवाही, हैंडब्रेक न लगाए जाने और बस मालिक की भूमिका सभी पहलुओं की जांच के दायरे में हैं। दोष सिद्ध होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।