टाटानगर (जमशेदपुर) शहर को लेकर आतंकी हमले की संभावित आशंका जताते हुए इंटरपोल की एक खुफिया रिपोर्ट राज्य सरकार को प्राप्त हुई है। रिपोर्ट सामने आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह सतर्क हो गया है। एसएसपी समेत सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, जबकि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को शहर और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जमशेदपुर में बड़ी संख्या में स्लीपर सेल सक्रिय हो सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन संदिग्धों के कुछ संपर्क ऐसे लोगों से बताए जा रहे हैं, जिन्होंने पाकिस्तान में आतंकी प्रशिक्षण लिया है या उनके साथ प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष संबंध रहे हैं।
रिपोर्ट में आजादनगर के जाकिरनगर रोड नंबर-14 निवासी सैयद मोहम्मद अर्शियान का नाम प्रमुखता से सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी व्यक्ति के इस कथित नेटवर्क को लीड करने की आशंका जताई गई है।
बताया गया है कि मोहम्मद अर्शियान दिल्ली पुलिस की हिट लिस्ट में शामिल है और उसकी तलाश तेज कर दी गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, सीबीआई के अनुरोध पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कर रखा है। इसके बाद उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों की जांच और अधिक गहराई से की जा रही है।
जांच एजेंसियों की जानकारी के अनुसार, मोहम्मद अर्शियान का भाई मोहम्मद जीशान पहले से दिल्ली की जेल में बंद है। दिल्ली पुलिस ने उसे 9 अगस्त 2017 को गिरफ्तार किया था। उस पर भी आतंकी संगठनों से जुड़े होने के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
एजेंसियों का मानना है कि दोनों भाइयों के संबंध अलकायदा नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
मोहम्मद अर्शियान और मोहम्मद जीशान का नाम पहली बार 2016 में ओडिशा से जुड़े एक मामले में सामने आया था। उस दौरान अलकायदा से कथित रूप से जुड़े आतंकी अब्दुल रहमान कटकी की गिरफ्तारी के बाद जांच में कई संदिग्ध नेटवर्क का खुलासा हुआ था, जिसमें इन दोनों भाइयों के नाम भी प्रमुख रूप से सामने आए थे।
फिलहाल रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां जमशेदपुर और टाटानगर क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाकर संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं।