कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में गंभीर अनियमितता का मामला उजागर हुआ है। जमशेदपुर स्थित ईपीएफओ कार्यालय में पदस्थापित सेक्शन सुपरवाइजर मनोज कुमार राय के खिलाफ जालसाजी और पद के दुरुपयोग के आरोप में रांची के डोरंडा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई अरुण कुमार की लिखित शिकायत के आधार पर की गई है।
मामला एक मृत सदस्य स्वर्गीय मो. रियाज से जुड़े भविष्य निधि (PF), पेंशन और ईडीएलआई (EDLI) दावों को पास कराने के कथित प्रयास से जुड़ा है। आरोप है कि इन दावों को स्वीकृत कराने के लिए नियमों की अनदेखी की गई और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया।
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत चार नवंबर को हुई, जब मेसर्स जैन ट्रेवल्स ने ईपीएफओ कार्यालय को एक लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में कहा गया कि मनोज कुमार राय 29 अक्टूबर को बिना किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति के दिन और रात—दोनों समय—प्रतिष्ठान के कार्यालय पहुंचे थे।
आरोप है कि इस दौरान उन्होंने मृत कर्मचारी के दावों को प्रमाणित कराने के लिए दबाव बनाया। जैन ट्रेवल्स ने यह भी दावा किया कि दावों को आगे बढ़ाने के लिए उनके प्रतिष्ठान के लेटरहेड, मुहर और हस्ताक्षरों की जालसाजी की गई।
शिकायत के समर्थन में जैन ट्रेवल्स की ओर से 29 अक्टूबर की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव के माध्यम से ईपीएफओ को सौंपी गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संगठन ने एक प्रवर्तन अधिकारी को प्रतिष्ठान में सत्यापन के लिए भेजा।
जांच के बाद जैन ट्रेवल्स ने 11 और 18 नवंबर को दिए गए अपने स्पष्टीकरण में साफ किया कि उन्होंने किसी भी प्रकार के दावे का प्रमाणीकरण नहीं किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर, मुहर और लेटरहेड दिखाए जा रहे हैं, वे उनके नहीं हैं।
ईपीएफओ कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जांच में यह सामने आया कि मृत्यु दावा से संबंधित आवेदन डाक प्राप्ति अनुभाग में स्वयं मनोज कुमार राय द्वारा प्रस्तुत किया गया था। आरोप है कि ईपीएफओ की राशि निकालने के उद्देश्य से जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
इन सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मनोज कुमार राय के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।