कैरव गांधी अपहरण मामले में जांच का दायरा बढ़ा, विदेशी नंबर से आया फिरौती के लिये कॉल

कैरव गांधी अपहरण मामले में जांच का दायरा बढ़ा, विदेशी नंबर से आया फिरौती के लिये कॉल

कैरव गांधी अपहरण मामले में जांच का दायरा बढ़ा, विदेशी नंबर से आया फिरौती के लिये कॉल
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 21, 2026, 10:37:00 AM

जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित सीएच एरिया से कारोबारी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी के अपहरण को एक सप्ताह बीत चुका है। 13 जनवरी को हुए इस सनसनीखेज अपहरण के बाद अब अपहरणकर्ताओं ने 20 जनवरी को परिवार से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी है। खास बात यह है कि फिरौती से जुड़े कॉल इंडोनेशिया के मोबाइल नंबरों से किए गए, जिससे पुलिस की चिंता और जांच दोनों का दायरा बढ़ गया है।

घर से कुछ ही दूरी पर वारदात
पुलिस जांच के मुताबिक, 13 जनवरी को दोपहर 12:55 बजे कैरव अपनी हुंडई क्रेटा से घर से निकले थे। करीब दस मिनट बाद वे कदमा–सोनारी लिंक रोड के गोलचक्कर से लौटते हुए फिर सीएच एरिया गोलचक्कर पहुंचे और साईं मंदिर की ओर मरीन ड्राइव जाने लगे। इसी दौरान सफेद रंग की एक स्कॉर्पियो, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट और पुलिस जैसा लाल सायरन लगा था, उनका पीछा करने लगी। सीएच एरिया गोलचक्कर और साईं मंदिर के बीच स्कॉर्पियो ने क्रेटा को ओवरटेक कर रोका और उसमें सवार दो बदमाश जबरन कैरव की गाड़ी में बैठ गए। मोबाइल छीनकर बंद करने के बाद कैरव को धमकाया गया।

कांदरबेड़ा में बदली गई गाड़ी
इसके बाद अपराधी कैरव को कांदरबेड़ा के सुनसान इलाके में ले गए। वहां क्रेटा से उतारकर उन्हें स्कॉर्पियो में बैठाया गया और क्रेटा को वहीं छोड़ दिया गया। सीसीटीवी फुटेज में यह स्कॉर्पियो कैद हुई है। जांच में सामने आया कि उस पर लगी नंबर प्लेट कोडरमा जिले की एक बोलेरो से संबंधित है। अपहरण के बाद बदमाश चांडिल–चौका मार्ग से बुंडू टोल प्लाजा पार करते हुए सुनसान रास्तों की ओर निकल गए।

सीसीटीवी की कड़ियां, लेकिन अंतिम सुराग गायब
पुलिस ने सीएच एरिया से कांदरबेड़ा तक लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की है। फुटेज में कैरव को कार चलाते देखा गया, हालांकि तेज रफ्तार के कारण कार के अंदर बैठे अन्य लोगों की पहचान नहीं हो सकी। डोबो पुल से करीब 1:15 बजे क्रेटा को कांदरबेड़ा की ओर जाते हुए देखा गया, लेकिन जहां कार लावारिस हालत में मिली, वहां कैमरा नहीं होने से अपराधियों का आगे का रास्ता स्पष्ट नहीं हो पाया।

एसआईटी, एटीएस और सीआईडी भी मैदान में
मामले की गंभीरता को देखते हुए जमशेदपुर–सरायकेला की संयुक्त एसआईटी गठित की गई है। इसके साथ ही एटीएस और सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारियों को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, टीमें झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और गुजरात में छापेमारी कर रही हैं। पूरे अभियान की निगरानी डीजीपी तदाशा मिश्रा स्वयं कर रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, बिहार के हाजीपुर से चंदन सोनार गिरोह के दो सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं सोनारी निवासी सोनू नामक युवक से भी पूछताछ हो रही है, जिसके हाजीपुर के अपराधियों से संपर्क के संकेत मिले हैं। पटना, हाजीपुर, जहानाबाद, भागलपुर, पुरुलिया, बर्द्धमान और हावड़ा सहित कई स्थानों पर पुलिस टीमें सक्रिय हैं।

परिवार की बढ़ती चिंता, सकुशल वापसी की उम्मीद
सात दिन बीतने के बावजूद कैरव गांधी का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। बावजूद इसके, परिजन उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं। पुलिस का दावा है कि सभी तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही इस अपहरण की गुत्थी सुलझाई जाएगी।