आगामी 26 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जमशेदपुर आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पूरे शहर में विशेष निगरानी रखी जा रही है और राष्ट्रपति के प्रस्तावित रूट पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
प्रशासन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, राष्ट्रपति के शहर पहुंचने से एक घंटे पहले से लेकर उनके प्रस्थान के 15 मिनट बाद तक मरीन ड्राइव पर सोनारी से कदमा टोल ब्रिज तक वाहनों का परिचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही कदमा टोल ब्रिज और सोनारी दोमुहानी पुल (डोबो) पर भी ट्रैफिक रोका जाएगा।
आम नागरिकों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग के तौर पर सोनारी एयरपोर्ट–कागलनगर–दोमुहानी रूट निर्धारित किया गया है।
100 करोड़ की लागत से बनेगा श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल सेंटर
राष्ट्रपति का यह दौरा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ओडिया समाज की पहल पर मरीन ड्राइव के पास 2.8 एकड़ भूमि में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल सेंटर का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना का भूमि पूजन स्वयं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी।
बताया गया है कि यह केंद्र केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा, सामाजिक सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा।
राष्ट्रपति मुर्मू रांची से भारतीय वायु सेना के विशेष हेलीकॉप्टर के जरिए जमशेदपुर पहुंचेंगी। उनका हेलीकॉप्टर सोनारी एयरपोर्ट पर उतरेगा। इसके बाद कारकेड एयरपोर्ट से निकलकर सर्किट हाउस गोलचक्कर, साईं मंदिर और मरीन ड्राइव होते हुए कदमा ग्रीन पार्क के समीप आयोजन स्थल तक पहुंचेगा।
रूट के हर हिस्से में सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है, ताकि कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
शहर में तेजी से चल रहा सौंदर्यीकरण और मरम्मत कार्य
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर नगर में युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। प्रमुख मार्गों पर दीवारों की पुताई, सड़कों की मरम्मत और पेड़ों की छंटाई का कार्य तेज कर दिया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रॉप गेट और बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
साथ ही आयोजन स्थल पर बिजली, पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।
राष्ट्रपति भवन ने मंच व्यवस्था को लेकर सख्ती बरती है। कार्यक्रम के दौरान मंच पर राष्ट्रपति के साथ बैठने की अनुमति राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और आयोजन समिति के केवल 9 प्रतिनिधियों को दी जाएगी।
आयोजन समिति द्वारा चयनित नामों की सूची प्रशासन के माध्यम से मुख्य सचिव अविनाश कुमार के जरिए राष्ट्रपति भवन को भेजी गई है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही मंच पर बैठने की अनुमति दी जाएगी।