मानगो मेयर की रेस में बन्ना गुप्ता की पत्नी की एंट्री, सुधा गुप्ता ने नामांकन दाखिल किया

मानगो मेयर की रेस में बन्ना गुप्ता की पत्नी की एंट्री, सुधा गुप्ता ने नामांकन दाखिल किया

मानगो मेयर की रेस में बन्ना गुप्ता की पत्नी की एंट्री, सुधा गुप्ता ने नामांकन दाखिल किया
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 03, 2026, 1:44:00 PM

मानगो नगर निगम के मेयर पद की दौड़ में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता ने मंगलवार को औपचारिक रूप से अपनी दावेदारी पेश कर दी। उन्होंने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर नामांकन पत्र दाखिल किया, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह शांत और सादे अंदाज में संपन्न हुई। न तो कोई रैली निकली और न ही समर्थकों की भारी भीड़ देखने को मिली। सीमित संख्या में समर्थक और प्रस्तावक ही उनके साथ मौजूद थे।

नामांकन से पहले सुधा गुप्ता ने धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से आशीर्वाद लिया। उन्होंने अपने आवास पर पूजा-अर्चना की, इसके बाद पति बन्ना गुप्ता के साथ कदमा स्थित रंकणी मंदिर में दर्शन किए। इसके पश्चात मानगो के बड़ा हनुमान मंदिर में भी विधिवत पूजा की। धार्मिक कार्यक्रमों के बाद वह मानगो के स्वर्णरेखा भवन स्थित कार्यालय से कुछ कार्यकर्ताओं के साथ सीधे उपायुक्त कार्यालय पहुंचीं और वहां नामांकन की औपचारिकताएं पूरी कीं। इस दौरान उनके पति बन्ना गुप्ता उनके साथ नहीं थे।

नामांकन के मौके पर विभिन्न समाजों के प्रमुख प्रतिनिधि प्रस्तावक के रूप में उपस्थित रहे। मुस्लिम समाज की ओर से करीम सिटी के पूर्व प्राचार्य डॉ. मोहम्मद जकारिया, सिख समाज से मानगो गुरुद्वारा के प्रधान भगवान सिंह, ब्राह्मण समाज से बिपिन झा, वैश्य समाज से भगवान प्रसाद और ऑल इंडिया रौनियार वैश्य महासभा की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष लीला गुप्ता शामिल रहीं। इसके अलावा क्रिश्चियन समाज से डेविड पूर्ति और विश्वकर्मा समाज से राजेश शर्मा ने भी प्रस्तावक के रूप में समर्थन दिया।

नामांकन के बाद सुधा गुप्ता ने कहा कि यह चुनाव उनके लिए किसी पद को हासिल करने की नहीं, बल्कि मानगो की बेटियों, माताओं और हर परिवार की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जनता का स्नेह, भरोसा और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।

रैली के बिना नामांकन करने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि मानगो को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। सड़कों की चौड़ाई सीमित होने और मजदूरों के कार्य में लगे रहने के कारण यदि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता आते तो जाम की स्थिति बनती, जिससे आम लोगों को परेशानी होती। इसी वजह से उन्होंने तय किया कि कम लोगों के साथ और बिना किसी दिखावे के नामांकन किया जाए, ताकि मानगो की जनता को किसी तरह की असुविधा न हो।