पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। उपायुक्त राजीव रंजन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राशन वितरण में लापरवाही, फर्जीवाड़ा या किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और हर स्तर पर जवाबदेही तय हो।
शनिवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित आपूर्ति विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और व्यवस्थाओं की प्रगति का आकलन किया गया। बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना, पीवीटीजी परिवारों के लिए संचालित डाकिया योजना, लंबित राशन कार्ड आवेदन, डोर स्टेप डिलीवरी, नमक योजना और मुख्यमंत्री चना-दाल वितरण योजना की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
समीक्षा के दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि लाभुकों के सत्यापन और डाटा सुधार का अभियान तेजी से चल रहा है। आधार से जुड़े संदिग्ध मामलों में बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 22 हजार से अधिक संदिग्ध प्रविष्टियों में से अधिकांश को निरस्त किया जा चुका है। वहीं राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली के तहत अपात्र लाभुकों की पहचान कर हजारों नाम सूची से हटाए गए हैं, जबकि कई मामलों में पात्रता की पुष्टि भी हुई है। कुछ आवेदन अब भी जांच प्रक्रिया में हैं।
निष्क्रिय राशन कार्डों की समीक्षा में भी व्यापक कार्रवाई सामने आई। लंबे समय से उपयोग में नहीं आने वाले एक लाख से अधिक कार्ड रद्द किए गए हैं। इसके अलावा डुप्लीकेट लाभुकों की पहचान कर हजारों नाम हटाए गए, जबकि शेष मामलों में जांच जारी है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो लाभुक लगातार राशन नहीं उठा रहे हैं, उनकी सूची तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक योजना का लाभ पहुंच सके। उन्होंने विशेष रूप से आदिम जनजाति परिवारों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने पर जोर दिया। डाकिया योजना की समीक्षा के दौरान पटमदा, पोटका और गोलमुरी-सह-जुगसलाई क्षेत्र में वितरण लंबित मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
राजीव रंजन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर महीने खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया 10 तारीख तक खींचने के बजाय 5 तारीख तक पूरी की जाए। साथ ही उन्होंने शिकायत निवारण पोर्टलों पर लंबित मामलों के शीघ्र समाधान का आदेश दिया।
बैठक में जन वितरण प्रणाली की दुकानों के नियमित निरीक्षण, खाद्यान्न भंडारण व्यवस्था, परिवहन और उठाव प्रणाली को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने भवन निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि लंबित गोदाम मरम्मत कार्य इस महीने के अंत तक हर हाल में पूरा किया जाए।
बैठक में एडीएम (एसओआर) राहुल आनंद, जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फीकार अंसारी, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित विभिन्न प्रखंडों के बीएसओ, एमओ और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।