दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड स्थित बादलपाड़ा क्षेत्र में कोल ब्लॉक परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध एक बार फिर उग्र रूप में सामने आया है। भूमि सर्वेक्षण के लिए पहुंचे एक निजी कंपनी के तीन कर्मचारियों को ग्रामीणों ने घेरकर बंधक बना लिया, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार, हरियाणा की एक पावर कंपनी को इस क्षेत्र में कोयला खनन का आवंटन मिला है। कंपनी की सर्वे टीम जैसे ही ड्रिलिंग कार्य शुरू करने लगी, बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच गए और काम का विरोध करने लगे। देखते ही देखते स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और गुस्साए लोगों ने सर्वे कर रहे कर्मचारियों को अपने कब्जे में ले लिया।
ग्रामीणों का आरोप था कि परियोजना से पहले ग्राम सभा की अनुमति लेना अनिवार्य है, लेकिन बिना इसकी सहमति के कार्य शुरू कर दिया गया। इसी मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी गहराती गई और विरोध ने आक्रामक रूप ले लिया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ। अंचल अधिकारी कपिल देव ठाकुर और थाना प्रभारी अमित लकड़ा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किया गया। लंबी बातचीत और प्रयासों के बाद देर रात करीब एक बजे तीनों कर्मचारियों को सुरक्षित मुक्त कराया जा सका।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया कि भविष्य में ग्राम सभा की स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार की गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने भी फिलहाल स्थिति को शांत कर दिया है और क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखी जा रही है।
गौरतलब है कि इस क्षेत्र में कोल परियोजना को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। फरवरी 2024 में भी इसी तरह की घटना में एक प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी सहित अन्य लोगों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। बार-बार हो रही इन घटनाओं से स्पष्ट है कि परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर गहरी असहमति बनी हुई है।