वैश्विक शिक्षा जगत में भारत के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शामिल IIT-ISM धनबाद ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता साबित की है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स बाय सब्जेक्ट 2026 में संस्थान ने माइनरल और माइनिंग इंजीनियरिंग श्रेणी में दुनिया भर में 21वां स्थान हासिल कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। इस क्षेत्र में IIT-ISM देशभर में लगातार शीर्ष स्थान बनाए हुए है, जो इसकी मजबूत शैक्षणिक व्यवस्था और उच्च स्तर के शोध को दर्शाता है।
सिर्फ पारंपरिक क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि अन्य इंजीनियरिंग विषयों में भी संस्थान ने अपनी उपस्थिति मजबूत की है। पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में IIT-ISM को भारत में चौथा स्थान मिला है, जबकि वैश्विक स्तर पर इसे 151-175 रैंक बैंड में रखा गया है। वहीं, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विषय में संस्थान ने पहली बार इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाई है और इसे 501-575 के वैश्विक रैंक बैंड में स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धियां दर्शाती हैं कि संस्थान नए क्षेत्रों में भी तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।
दक्षिण एशिया स्तर पर भी IIT-ISM की स्थिति पहले से बेहतर हुई है। QS साउथ एशिया रैंकिंग 2026 में संस्थान 110वें स्थान पर पहुंच गया है, जो इसकी बढ़ती वैश्विक पहचान और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को रेखांकित करता है।
इस उपलब्धि पर संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि माइनिंग इंजीनियरिंग में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान बनाए रखना और विश्व स्तर पर 21वीं रैंक प्राप्त करना संस्थान के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में बेहतर प्रदर्शन और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में नई एंट्री संस्थान के लिए गर्व की बात है, और भविष्य में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को और सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
करीब एक सदी पुरानी विरासत वाले इस संस्थान की शुरुआत 1926 में इंडियन स्कूल ऑफ माइंस के रूप में हुई थी, जिसे 2016 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) का दर्जा मिला। अपने लंबे अनुभव और विशेषज्ञता के दम पर IIT-ISM धनबाद माइनिंग, ऊर्जा और इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।