दुर्घटना के बाद भी नहीं टूटा हौसला, शिक्षकों की तत्परता से परीक्षा केंद्र तक पहुंचीं छात्रायें

दुर्घटना के बाद भी नहीं टूटा हौसला, शिक्षकों की तत्परता से परीक्षा केंद्र तक पहुंचीं छात्रायें

दुर्घटना के बाद भी नहीं टूटा हौसला, शिक्षकों की तत्परता से परीक्षा केंद्र तक पहुंचीं छात्रायें
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 14, 2026, 12:00:00 PM

सड़क हादसे के बाद भी बोर्ड परीक्षा में छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित कराने का एक प्रेरणादायक उदाहरण धनबाद जिले में देखने को मिला। दुर्घटना में घायल हुई छात्राओं को जहां तत्काल इलाज मुहैया कराया गया, वहीं शिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका हौसला बढ़ाकर परीक्षा दिलाने तक की पूरी व्यवस्था संभाली। इस मानवीय पहल के लिए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने संबंधित लोगों को सम्मानित किया।

घटना शुक्रवार सुबह की है, जब कतरास स्थित राजेंद्र कन्या मध्य विद्यालय की कुल 11 छात्राएं मारुति ओमनी वाहन से अंग्रेजी विषय की मैट्रिक परीक्षा देने के.बी.आर. हाई स्कूल, महुदा जा रही थीं। सुबह करीब 8:45 बजे सिनिडीह मोड़ के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से उनकी गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में दो छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि बाकी छात्राओं को हल्की चोटें आईं।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। सभी छात्राओं को तत्काल प्राथमिक उपचार दिलाया गया। इसके बाद शिक्षकों ने छात्राओं का मनोबल बढ़ाते हुए यह सुनिश्चित किया कि किसी भी छात्रा की परीक्षा न छूटे।

स्थिति को देखते हुए परीक्षा केंद्र में घायल छात्राओं के लिए अलग विशेष कक्ष की व्यवस्था की गई। साथ ही केंद्र पर चिकित्सकीय टीम भी मौजूद रही, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।

पूरे घटनाक्रम को सराहते हुए डीसी आदित्य रंजन ने के.बी.आर. हाई स्कूल महुदा के शिक्षकों, छत्रुटांड पंचायत के मुखिया, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी समेत अन्य सहयोगियों को समाहरणालय बुलाकर शॉल प्रदान कर सम्मानित किया। उपायुक्त ने कहा कि यह कदम कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता का बेहतरीन उदाहरण है, जो समाज के लिए प्रेरणा बन सकता है।

इस सम्मान समारोह में शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक और अन्य संबंधित लोग भी उपस्थित रहे।