धनबाद में बिजली छापेमारी बनी विवाद की जड़, SDO पर आरोप के बाद बढ़ा टकराव

धनबाद में बिजली छापेमारी बनी विवाद की जड़, SDO पर आरोप के बाद बढ़ा टकराव

धनबाद में बिजली छापेमारी बनी विवाद की जड़, SDO पर आरोप के बाद बढ़ा टकराव
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 02, 2026, 3:22:00 PM

धनबाद जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र में बिजली विभाग के एक सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) पर महिला की गरिमा भंग करने के आरोपों के बाद मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। एक तरफ स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के हस्तक्षेप से जिला प्रशासन हरकत में आया है, तो दूसरी ओर उनके बयान को लेकर झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन, बिजली विभाग और ऊर्जा कर्मियों के बीच तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।

छापेमारी के दौरान बिगड़ा माहौल
यह मामला गोविंदपुर थाना क्षेत्र के सहराज गांव से जुड़ा है। आरोप है कि निरसा सब-डिविजन के SDO नीतीश कुमार बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई करने टीम के साथ गांव पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने एक घर का गेट तोड़कर भीतर प्रवेश किया और जांच शुरू की। इस कार्रवाई से ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई और देखते ही देखते गांव वालों तथा बिजली विभाग की टीम के बीच कहासुनी के बाद झड़प की स्थिति बन गई।

थाने में शिकायत, पुलिस पर उठे सवाल
घटना के बाद कुछ ग्रामीण महिलाएं SDO को लेकर गोविंदपुर थाना पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। आरोप है कि पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की, जबकि बिजली विभाग की ओर से दी गई शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया। इस पुलिसिया रवैये से आक्रोशित ग्रामीणों ने रांची से लौट रहे स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का काफिला गोविंदपुर–साहिबगंज मुख्य मार्ग पर पूर्वी टुंडी के शंकरडीह इलाके में रोककर पूरी घटना की जानकारी दी।

मंत्री के निर्देश, निष्पक्ष जांच का भरोसा
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ अधिकारी विपक्ष के साथ मिलकर सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग में कई अधिकारी वर्षों से एक ही पद पर जमे हुए हैं, जिन पर वसूली और धमकी देने जैसे आरोप लगते रहे हैं। मंत्री ने धनबाद के एसएसपी को निर्देश दिया कि दोनों पक्षों की प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।

ऊर्जा मित्र संघ का विरोध
मंत्री के इस बयान के बाद झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ में असंतोष देखने को मिला। धनबाद के धैया स्थित संघ कार्यालय में रविवार को हुई बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि ऊर्जा मित्र सरकार के निर्देश पर बिजली चोरी रोकने और राजस्व संग्रह का काम करते हैं। उनके मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कर्मियों के साथ मारपीट की घटनाएं होती हैं, ऐसे में मंत्री स्तर से अधिकारियों पर टिप्पणी करना कर्मियों का मनोबल गिराने वाला है।

मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप
ऊर्जा मित्र संघ के संस्थापक संतोष प्रसाद कुशवाहा ने दावा किया कि छापेमारी के दौरान ऊर्जा मित्रों के साथ मारपीट की गई, जिसमें कई कर्मी घायल हुए। वहीं झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिक सप्लाई वर्कर्स यूनियन के क्षेत्रीय सचिव बबन प्रसाद ने बताया कि निरसा-1 क्षेत्र में सुनियोजित तरीके से भीड़ ने बिजली कर्मियों पर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थरों से हमला किया, साथ ही सरकारी वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया।