धनबाद में ईडी की बड़ी कार्रवाई, कई कोयला कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी

धनबाद में ईडी की बड़ी कार्रवाई, कई कोयला कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी

धनबाद में ईडी की बड़ी कार्रवाई, कई कोयला कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 12, 2025, 12:35:00 PM

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनबाद में कोयला कारोबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में एक और बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है। ताजा जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम ने शुक्रवार को कम से कम तीन प्रमुख कोयला व्यापारियों के ठिकानों पर छापेमारी की।

जिन लोगों के यहां तलाशी चल रही है, उनमें डेको आउटसोर्सिंग कंपनी के संचालक और कोयला ट्रांसपोर्टर मनोज अग्रवाल, बड़े कोयला व्यापारी सुधीर चौटाला और इंद्रराज भदौरिया शामिल हैं। मनोज अग्रवाल कोयला परिवहन और आउटसोर्सिंग के क्षेत्र में सक्रिय माने जाते हैं। ईडी की यह कार्रवाई अवैध कोयला कारोबार से अर्जित धन को वैध बनाने यानी मनी लॉन्ड्रिंग के शक के आधार पर की जा रही है।

दूसरे चरण की जांच में नए ठिकानों पर छापे

सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने कोयला तस्करी और उससे हुई अवैध कमाई की जांच के दूसरे चरण में लाल बहादुर सिंह से जुड़े व्यक्तियों के धनबाद और कोलकाता स्थित ठिकानों को टारगेट किया है। इस कार्रवाई में गोदवरी कमोडिटीज और धनसार इंजीनियरिंग से जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया।

पिछली कार्रवाई के बाद बढ़ा दायरा

याद दिला दें कि 21 नवंबर को भी ईडी ने इसी मामले में कोयला कारोबारी दीपक पोद्दार और कई अन्य व्यापारियों के घर तथा दफ्तरों पर छापे मारे थे। उस दौरान भी कोलकाता ईडी की टीम कार्रवाई का हिस्सा थी और पश्चिम बंगाल के कई ठिकानों पर छापेमारी हुई थी।

उस ऑपरेशन में ईडी को करोड़ों रुपये और कई कीमती चल-अचल संपत्ति के सबूत मिले थे। जांच में यह भी सामने आया था कि अवैध कोयला कारोबार में इंद्रराज भदौरिया, सुधीर चौटाला और मनोज अग्रवाल की भूमिका हो सकती है। इसी कड़ी में अब उनके ठिकानों पर भी कार्रवाई की जा रही है।

बड़े कोयला ट्रांसपोर्टर के ठिकानों पर भी कार्रवाई

सूचना के अनुसार, इंद्रराज भदौरिया झारखंड और पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े कोयला ट्रांसपोर्टरों में गिने जाते हैं। उनकी कंपनी इन दोनों राज्यों से देशभर की कई पावर कंपनियों तक कोयले की सप्लाई करती है। भदौरिया के नेटवर्क से कई अन्य ट्रांसपोर्टर भी जुड़े बताए जा रहे हैं।

ईडी की यह छापेमारी लगातार बढ़ते अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की परतें खोलने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।