धनबाद रेल मंडल के यात्रियों के लिए रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग व्यवस्था में एक नई और सख्त प्रणाली लागू की है। यात्रियों को बेहतर सुविधा देने और टिकट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से अब पीआरएस (आरक्षण) काउंटरों पर तत्काल टिकट के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। यह व्यवस्था पहले चरण में 100 चयनित ट्रेनों में आज से प्रभावी हो गई है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस पहल का मकसद तत्काल टिकटों में लंबे समय से सक्रिय दलालों, फर्जी पहचान और अवैध बुकिंग पर अंकुश लगाना है। नई प्रणाली के तहत, जब कोई यात्री पीआरएस काउंटर से तत्काल टिकट बुक कराएगा, तो उसके द्वारा दिए गए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। ओटीपी का सफल सत्यापन होने के बाद ही टिकट जारी किया जाएगा।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे टिकट बनवाते समय अपना सही और चालू मोबाइल नंबर दर्ज कराएं, ताकि सत्यापन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पहले चरण में जिन प्रमुख ट्रेनों में लागू हुई व्यवस्था
इस नई प्रणाली के दायरे में हावड़ा–छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस, रांची–बनारस एक्सप्रेस, रांची–भागलपुर वनांचल एक्सप्रेस, हटिया–हरिद्वार एक्सप्रेस, धनबाद–पटना और पटना–धनबाद गंगा-दामोदर एक्सप्रेस, इस्लामपुर–हटिया एक्सप्रेस तथा हटिया–ऋषिकेश एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं।
यात्रियों को क्या होंगे लाभ
रेलवे का मानना है कि ओटीपी आधारित सत्यापन से तत्काल टिकटों में दलालों की भूमिका काफी हद तक खत्म होगी, असली यात्रियों को टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी, बुकिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और धोखाधड़ी या फर्जी बुकिंग के मामलों में कमी आएगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो आने वाले समय में इसे और अधिक ट्रेनों तथा मंडलों में भी लागू किया जाएगा, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और निष्पक्ष टिकट बुकिंग का लाभ मिल सके।