झारखंड को व्यसन-मुक्त समाज की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से राज्यभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत सोमवार को धनबाद सिविल कोर्ट के न्यायिक पदाधिकारियों ने नशे के खिलाफ एक विशेष जन-जागरूकता रैली निकाली। यह पहल झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) के डॉन (DAWN) कार्यक्रम के अंतर्गत की गई, जिसका लक्ष्य समाज में स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
रैली की शुरुआत सिविल कोर्ट परिसर से हुई और शहर के प्रमुख इलाकों से गुजरते हुए पुनः न्यायालय परिसर में समाप्त हुई। इस दौरान न्यायिक पदाधिकारियों और प्रतिभागियों ने नशे के दुष्प्रभावों को दर्शाने वाले पोस्टर, बैनर और नारों के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं को जागरूक करने का प्रयास किया।
इस जागरूकता मार्च में न्यायालय के वरिष्ठ अधिकारी, पैरा लीगल वॉलंटियर, पैनल अधिवक्ता, न्यायालय कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और नशे के खिलाफ एकजुटता दिखाई।
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बाल कृष्ण तिवारी ने कहा कि नशे की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि पूरे परिवार पर आर्थिक और मानसिक दबाव भी डालती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूरी बनाए रखें, क्योंकि सशक्त समाज की नींव युवा पीढ़ी पर ही टिकी होती है।
वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव मयंक तुषार टोपनों ने बताया कि डॉन अभियान के तहत विधिक साक्षरता के साथ-साथ समाज में फैली बुराइयों के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाता रहेगा।