ब्लास्टिंग के बाद धंस गई पूरी सड़क, ग्रामीणों ने कंपनी के खिलाफ खोला मोर्चा

ब्लास्टिंग के बाद धंस गई पूरी सड़क, ग्रामीणों ने कंपनी के खिलाफ खोला मोर्चा

ब्लास्टिंग के बाद धंस गई पूरी सड़क, ग्रामीणों ने कंपनी के खिलाफ खोला मोर्चा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 19, 2026, 2:22:00 PM

धनबाद जिले के निरसा क्षेत्र स्थित चापापुर ओपन कास्ट परियोजना (ओसीपी) में चल रही विस्फोटक गतिविधियों के बीच शुक्रवार को एक गंभीर घटना सामने आई। गोपालगंज से बेनागोरिया को जोड़ने वाली ग्रामीण सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे पूरे इलाके में आवाजाही बाधित हो गई और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने परियोजना स्थल पर पहुंचकर खनन कार्य रुकवा दिया।

जानकारी के अनुसार, सड़क का लगभग 10 मीटर हिस्सा करीब पांच फीट तक धंस गया, जबकि आसपास लगभग 50 मीटर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

विरोध प्रदर्शन में जिला परिषद सदस्य पिंकी मरांडी, समाजसेवी अंजलि पासवान और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सड़क को सुरक्षित बनाकर उसकी मरम्मत नहीं की जाती और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक ओसीपी में खनन गतिविधियां शुरू नहीं होने दी जाएंगी।

ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना क्षेत्र में लंबे समय से हो रही तेज ब्लास्टिंग के कारण आसपास के कई मकानों में पहले ही दरारें पड़ चुकी हैं। अब सड़क धंसने की घटना ने लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है। उनका कहना है कि लगातार हो रही विस्फोटक गतिविधियों का असर आसपास के बुनियादी ढांचे पर साफ दिखाई दे रहा है।

जिला परिषद सदस्य पिंकी मरांडी ने ओसीपी का संचालन कर रही रेड्डी कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कंपनी की कथित लापरवाही से स्थानीय लोगों की जान और संपत्ति दोनों खतरे में हैं। वहीं समाजसेवी अंजलि पासवान ने ब्लास्टिंग की तकनीकी जांच कराने, सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।

स्थानीय ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि सड़क धंसने और ब्लास्टिंग से जुड़ी समस्याओं की जानकारी तीन दिन पहले ही धनबाद के सांसद तथा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके स्थानीय विधायक को दे दी गई थी। इसके बावजूद अब तक किसी स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप नहीं होने से लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति असंतोष बढ़ गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

ग्रामीणों के विरोध के बाद फिलहाल चापापुर ओसीपी में खनन कार्य रोक दिया गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। अब क्षेत्र के लोग जिला प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं, ताकि सड़क की मरम्मत, सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी तय करने को लेकर स्पष्ट निर्णय सामने आ सके।