धनबाद : अब हर वोटर की होगी जांच, अपात्र नामों पर निर्वाचन आयोग की बड़ी कार्रवाई
धनबाद : अब हर वोटर की होगी जांच, अपात्र नामों पर निर्वाचन आयोग की बड़ी कार्रवाई
झारखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से निर्वाचन विभाग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को गति दे दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया के दौरान केवल पात्र भारतीय नागरिकों के नाम ही मतदाता सूची में बनाए रखे जाएंगे, जबकि अपात्र व्यक्तियों को सूची से बाहर किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाता बनने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को धनबाद पहुंचे मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने समाहरणालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अभियान की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया। इस दौरान उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को 30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करने और एन्यूमरेशन फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है।
मीडिया से बातचीत में के. रवि ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची तैयार करते समय पांच श्रेणियों के मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए जाएंगे। इनमें लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले, दूसरे स्थान पर स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके, मृत घोषित मतदाता, डुप्लीकेट प्रविष्टियां तथा हस्ताक्षर करने से इनकार करने वाले मतदाता शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'रिफ्यूज टू साइन' श्रेणी में ऐसे लोग भी आते हैं, जिन्होंने किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त कर ली है, लेकिन भारतीय मतदाता सूची से अपना नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष पुनरीक्षण अभियान का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे, वहीं अपात्र व्यक्तियों का नाम किसी भी स्थिति में मतदाता सूची का हिस्सा न बने। इसके लिए सभी स्तरों पर पारदर्शिता और सटीक सत्यापन को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने राजनीतिक दलों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की, ताकि सभी के सहयोग से निष्पक्ष, विश्वसनीय और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार की जा सके। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इनका निस्तारण पूरा होने के बाद 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।