नए साल के पहले दिन देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। नववर्ष की शुरुआत को शुभ बनाने के लिए श्रद्धालु तड़के सुबह से ही बैद्यनाथ मंदिर पहुंचने लगे। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कर अपने और परिवार के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर विशेष प्रबंध किए गए, जिससे दर्शन की प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रही।
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने 1 जनवरी तक वीआईपी दर्शन की व्यवस्था स्थगित कर दी है। जिला प्रशासन ने दर्शन कूपन जारी करने पर भी रोक लगा दी है। सुरक्षा के लिहाज से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। कई निगरानी बिंदु बनाए गए हैं, जहां से श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है।
मंदिर के तीर्थ पुरोहितों के अनुसार, सुबह से लगातार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। तीर्थ पुरोहित बाबा अमित ने बताया कि अहले सुबह से पूर्वाह्न 11 बजे तक करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। अनुमान है कि देर शाम तक यह संख्या एक लाख से अधिक हो सकती है। सुबह के समय श्रद्धालुओं की कतार करीब एक किलोमीटर तक फैल गई थी।
दूसरे राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि बाबा बैद्यनाथ धाम न सिर्फ द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल है, बल्कि यह शक्ति पीठ भी है। श्रद्धालु प्रवीण कुमार ने कहा कि नए साल की शुरुआत बाबा बैद्यनाथ के दर्शन से करने की परंपरा सी बन गई है, इसी कारण वे परिवार के साथ देवघर पहुंचे हैं।
तीर्थ पुरोहित आलोक कात्यानन ने बताया कि इस वर्ष पिछले साल की तुलना में कहीं अधिक भीड़ देखने को मिल रही है। उनके अनुसार यह लोगों की बढ़ती धार्मिक आस्था को दर्शाता है और यही संकेत देता है कि आने वाला वर्ष सुख और शांति से भरा होगा।
नववर्ष के मौके पर दुमका जिले के प्रसिद्ध बाबा बासुकीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर के पट खुलते ही भक्त पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने लगे। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की है। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराकर सुगमता से पूजा कराई जा रही है।
दूर-दराज से आए भक्तों ने बाबा बासुकीनाथ के दर्शन कर नववर्ष के आगमन पर खुशी जताई और अपने परिजनों के सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
मंदिर सचिव एवं एसडीएम कौशल कुमार ने बताया कि भीड़ नियंत्रण के लिए बासुकीनाथ धाम के सभी प्रवेश चेक प्वाइंट्स पर वरीय दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात किए गए हैं। श्रद्धालु शिवगंगा घाट में स्नान के बाद संस्कार मंडप मार्ग से हाथी द्वार होकर मंदिर पहुंच रहे हैं और व्यवस्थित तरीके से जलार्पण कर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं।
कुल मिलाकर, नववर्ष 2026 की शुरुआत देवघर में आस्था, अनुशासन और भक्ति के साथ हुई, जहां प्रशासनिक व्यवस्था और श्रद्धालुओं के उत्साह का संतुलित संगम देखने को मिला।