देवघर के देवीपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) लगातार अपनी चिकित्सा सेवाओं का दायरा बढ़ा रहा है। हाल ही में यहां डॉक्टरों की टीम ने एक जटिल सर्जरी को अंजाम देते हुए उत्तर प्रदेश से आए एक मरीज के शरीर से लगभग 12 किलोग्राम वजनी ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाल दिया। इस उपलब्धि के बाद संस्थान की चिकित्सा क्षमता की व्यापक चर्चा हो रही है।
बताया जाता है कि लंबे समय से मरीज इस गंभीर समस्या से जूझ रहा था। ट्यूमर के कारण उसे असहनीय दर्द का सामना करना पड़ रहा था और उसकी शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। विभिन्न निजी अस्पतालों में इलाज कराने के बावजूद उसे राहत नहीं मिली। अंततः वह देवघर एम्स पहुंचा, जहां उसे आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, ट्यूमर शरीर के अत्यंत संवेदनशील हिस्से में स्थित था, जिससे ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया था। बावजूद इसके, विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने कई घंटों तक चली सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार देखा गया और स्वास्थ्य स्थिर होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
एम्स प्रशासन ने जानकारी दी कि निजी अस्पतालों में इस तरह की सर्जरी के लिए भारी खर्च की मांग की जा रही थी, जो मरीज की आर्थिक स्थिति के अनुरूप संभव नहीं था। देवघर एम्स में भर्ती होने के बाद चिकित्सकों ने पहले उसकी स्थिति का गहन आकलन किया और फिर योजना बनाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया।
संस्थान के निदेशक डॉ. एन. एम. गंगाने ने इस सफलता पर पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि एम्स देवघर अब देशभर के मरीजों के लिए भरोसेमंद चिकित्सा केंद्र के रूप में उभर रहा है और यहां हर व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने के लिए संस्थान प्रतिबद्ध है।
इस सर्जरी की सफलता न केवल एक मरीज के जीवन को नई दिशा देने में सहायक बनी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब झारखंड और विशेषकर संथाल परगना क्षेत्र में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।