‘अबुआ दिशोम’ बजट 2026-27 को राजद ने बताया मील का पत्थर, चतरा में अंबेडकर विश्वविद्यालय की घोषणा का किया स्वागत

‘अबुआ दिशोम’ बजट 2026-27 को राजद ने बताया मील का पत्थर, चतरा में अंबेडकर विश्वविद्यालय की घोषणा का किया स्वागत

‘अबुआ दिशोम’ बजट 2026-27 को राजद ने बताया मील का पत्थर, चतरा में अंबेडकर विश्वविद्यालय की घोषणा का किया स्वागत
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 24, 2026, 2:55:00 PM

झारखंड विधानसभा में पेश किए गए वर्ष 2026-27 के ‘अबुआ दिशोंम’ बजट को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने ऐतिहासिक करार दिया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कैलाश यादव ने मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य मंत्रिपरिषद को बधाई दी।

कैलाश यादव ने विशेष रूप से चतरा में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह कदम सामाजिक न्याय और शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिसके लिए मुख्यमंत्री को राजद की ओर से विशेष शुभकामनाएं दी गई हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम), कांग्रेस और राजद की महागठबंधन सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा प्रस्तुत बजट में राज्य के व्यापक विकास का खाका रखा गया है।

राजद के अनुसार, बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, पर्यटन और कृषि को प्रोत्साहन, उद्योगों के विकास, सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण, रोजगार सृजन और पलायन रोकने जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है।

पार्टी ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में बजट का आकार और बढ़ेगा तथा राज्य आर्थिक रूप से और सशक्त होगा। राजद ने यह भी कहा कि अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और कमजोर सामान्य वर्गों को मजबूत करने के लिए निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

कैलाश यादव ने यह भी उल्लेख किया कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता तेजस्वी यादव हमेशा सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के साथ विकास की राजनीति के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के हालिया आम बजट का हवाला देते हुए कहा कि झारखंड के साथ अपेक्षित न्याय नहीं हुआ, बावजूद इसके राज्य सरकार अपने संसाधनों के बल पर विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है।