बोकारो में हाथियों का तांडव! बड़कीपुन्नू गांव में 3 बुजुर्गों की मौत, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

बोकारो में हाथियों का तांडव! बड़कीपुन्नू गांव में 3 बुजुर्गों की मौत, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

बोकारो में हाथियों का तांडव! बड़कीपुन्नू गांव में 3 बुजुर्गों की मौत, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 05, 2026, 11:42:00 AM

झारखंड में जंगली हाथियों के बढ़ते आतंक ने एक बार फिर मानव जीवन पर भारी चोट पहुंचाई है। बोकारो जिले के महुआटांड़ वन प्रक्षेत्र अंतर्गत बड़कीपुन्नू गांव में सोमवार सुबह हाथियों के हमले में तीन बुजुर्गों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और भय का माहौल है।

ग्रामीणों के मुताबिक, यह इलाका पिछले कई महीनों से हाथियों की लगातार आवाजाही और हमलों से परेशान है। बड़कीपुन्नू ही नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांव भी लंबे समय से हाथियों के उत्पात की चपेट में हैं, जिससे लोग हर दिन डर के साए में जीवन जीने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथियों के हमलों की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जानकारी के अनुसार, पिछले 86 दिनों में हाथियों के हमले से अब तक आठ लोगों की जान जा चुकी है, वहीं हाथियों द्वारा घरों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाकर लाखों रुपये की क्षति भी हुई है।

इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है। लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद अब तक कोई प्रभावी समाधान लागू नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे हर शाम इस चिंता के साथ घर लौटते हैं कि अगली सुबह सुरक्षित रहेंगे या नहीं।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि हाथियों की समस्या को लेकर वन विभाग के अधिकारियों को कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। इससे क्षेत्र में नाराजगी और बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतकों के परिजनों को प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए और घायल महिला के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के मजबूत इंतजाम करने तथा हाथियों के आतंक को रोकने के लिए तत्काल और ठोस योजना लागू करने की भी मांग उठाई गई है।