बोकारो स्टील प्लांट के वर्षों से रुके विस्तारीकरण कार्य को शुरू कराने और बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) को सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल का दर्जा दिलाने की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती दिख रही है। इसी कड़ी में बोकारो के करीब दस हजार स्कूली छात्रों ने प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड भेजकर अपनी बात सीधे केंद्र सरकार तक पहुंचाई है।
यह पहल कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले उन छात्रों द्वारा की गई है, जो जिले के लगभग सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, जैसे दिल्ली पब्लिक स्कूल, चिन्मया विद्यालय, डीएवी, अयप्पा स्कूल, बोकारो पब्लिक स्कूल समेत अन्य संस्थानों में अध्ययनरत हैं। यह अभियान पिछले कई महीनों से चल रहे महाहस्ताक्षर अभियान का विस्तार है, जिसका नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता और अभियान संयोजक कुमार अमित कर रहे हैं।
कुमार अमित ने बताया कि इस प्रयास का उद्देश्य केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध बोकारो के युवाओं के भविष्य से है। उनका कहना है कि उच्च माध्यमिक स्तर पर पढ़ रहे ये छात्र आने वाले वर्षों में रोजगार की तलाश में होंगे। यदि बोकारो स्टील प्लांट का विस्तार होता है, तो पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्हें अपने ही शहर में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। इससे न केवल युवाओं, बल्कि शिक्षा संस्थानों और पूरे शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा।
इस अभियान को सफल बनाने में विद्यालय प्रबंधन की भूमिका को रेखांकित करते हुए कुमार अमित ने डॉ. राधाकृष्णन सहोदया स्कूल कॉम्प्लेक्स, बोकारो के अध्यक्ष सूरज शर्मा, डीपीएस के प्राचार्य डॉ. ए.एस. गंगवार सहित सभी स्कूल प्रमुखों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों के सहयोग के बिना इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी संभव नहीं थी।
अभियान संयोजक के अनुसार, अब तक बोकारो से लगभग 40 हजार लोग प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड लिखकर अपनी मांग रख चुके हैं। उनका मानना है कि बोकारो स्टील प्लांट का विस्तार और बीजीएच का सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में रूपांतरण शहर के दीर्घकालिक विकास के लिए बेहद जरूरी है।
बोकारो के नागरिकों को उम्मीद है कि छात्रों, शिक्षकों और आम लोगों की इस सामूहिक अपील पर केंद्र सरकार गंभीरता से विचार करेगी और शहर के औद्योगिक व स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।