राख निस्तारण संकट से बोकारो थर्मल की 500 मेगावाट यूनिट बंद, आधी रात को थमा उत्पादन

राख निस्तारण संकट से बोकारो थर्मल की 500 मेगावाट यूनिट बंद, आधी रात को थमा उत्पादन

राख निस्तारण संकट से बोकारो थर्मल की 500 मेगावाट यूनिट बंद, आधी रात को थमा उत्पादन
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 07, 2026, 2:39:00 PM

दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के बोकारो थर्मल पावर स्टेशन में एक बार फिर तकनीकी और प्रबंधन से जुड़ी समस्या के कारण बिजली उत्पादन प्रभावित हो गया है। राख (ऐश) के निस्तारण की व्यवस्था ठप होने के चलते 500 मेगावाट क्षमता वाले ‘ए’ पावर प्लांट की एक यूनिट को शुक्रवार देर रात करीब 12:15 बजे बंद करना पड़ा। यूनिट बंद होने के समय यहां से लगभग 120 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा था।

बताया जा रहा है कि नूरी नगर स्थित दोनों ऐश पौंड अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक भर चुके हैं। ऐसे में नई राख के भंडारण के लिए जगह नहीं बची है। 28 फरवरी से राख के उठाव का काम पूरी तरह रुक जाने के कारण प्रबंधन के सामने यूनिट बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

सूत्रों के अनुसार राख उठाने का काम जिस कंपनी को दिया गया है, उसने पिछले दो महीनों से हाईवा (डंपर) मालिकों का भुगतान नहीं किया है। भुगतान न मिलने से नाराज वाहन मालिकों और चालकों ने 28 फरवरी से काम बंद कर दिया, जिसके बाद राख के निस्तारण की प्रक्रिया ठप हो गई।

वहीं डीवीसी प्रबंधन का कहना है कि इस स्थिति के पीछे होली की छुट्टियों के कारण भी कामकाज प्रभावित होना एक वजह रही है। हालांकि मौजूदा हालात ने सितंबर 2019 की उस बड़ी घटना की याद दिला दी है, जब ऐश पौंड के टूटने से आसपास के इलाके में भारी नुकसान हुआ था। उस घटना के बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने डीवीसी पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

फिलहाल प्रबंधन इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास कर रहा है, ताकि राख के निस्तारण की व्यवस्था बहाल कर बिजली उत्पादन को फिर से सामान्य किया जा सके।