बोकारो स्टील प्लांट के एसएमएस-2 सेक्शन में रविवार को काम के दौरान बड़ा हादसा हो गया। हॉट मेटल चार्जिंग के समय तीन मजदूरों पर अचानक भारी मात्रा में हॉट मेटल गिर पड़ा। इससे तीनों गंभीर रूप से झुलस गए। घायल कर्मियों को तुरंत बोकारो जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। यह हादसा उसी कार्यस्थल पर हुआ, जहां कर्मचारी नियमित रूप से अपनी ड्यूटी निभाते हैं।
इस घटना को लेकर कर्मचारियों ने प्लांट प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब सुरक्षा को दरकिनार किया गया हो। बीते कुछ महीनों में कई बार सुरक्षा संबंधी खामियों की ओर इशारा किया गया, लेकिन प्रबंधन ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए।
कोविड-19 महामारी के दौरान बोकारो स्टील प्लांट ने देश-विदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति कर लाखों लोगों की जान बचाई थी। मगर अब वही प्लांट अपने कर्मचारियों के लिए खतरे का केंद्र बनता जा रहा है। हादसे के बाद कर्मचारियों और उनके परिजनों में गहरी चिंता व्याप्त है। वहीं प्रबंधन इस मामले पर खामोश है, जबकि सुरक्षा के मुद्दे पर पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी है।
स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हादसे पर चिंता जताते हुए कहा कि प्लांट की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करना बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि सिर्फ बड़े-बड़े वादे और घोषणाएं करने से काम नहीं चलेगा, जमीनी स्तर पर कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने बताया, “मामला प्लांट के भीतर का है। तीन मजदूर झुलस गए हैं और उनका इलाज बोकारो जनरल अस्पताल में चल रहा है। प्लांट के नियमों के अनुसार घटना की समीक्षा की जाएगी। पुलिस भी इस पर नजर बनाए हुए है।”
बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने हादसे पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि, “स्टील प्लांट में लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। प्रबंधन मशीनों का सही ढंग से मेंटेनेंस नहीं कर रहा है, जिसके चलते यह हादसा हुआ। तीन मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत नाजुक है। मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।”