बोकारो जिले में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस वीडियो में लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। जांच पूरी होने के बाद चीराचास थाना से जुड़े तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
मामला 4 मई 2026 की शाम का है, जब चीराचास थाना क्षेत्र स्थित वीणा रीजेंसी के सामने हर्ष पांडेय और उनके साथियों द्वारा आरिफ अंसारी के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायल अवस्था में आरिफ अंसारी को पाया। हालांकि, जांच में सामने आया कि स्थिति की गंभीरता के बावजूद पुलिस ने प्राथमिक उपचार सुनिश्चित करने के बजाय घायल को थाने ले जाकर हाजत में बंद कर दिया।
जांच रिपोर्ट में इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी चूक बताया गया है। एक घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना पुलिस की जिम्मेदारी होती है, लेकिन इस मामले में उस मानक का पालन नहीं किया गया। इसके अलावा वायरल वीडियो में एक सहायक अवर निरीक्षक, संजय कुमार मंडल, थाना परिसर में अनुचित वेशभूषा में नजर आए, जिससे विभागीय अनुशासन पर भी सवाल उठे।
इन तथ्यों के आधार पर थाना प्रभारी पुष्पराज कुमार, अवर निरीक्षक राजेश कुमार और सहायक अवर निरीक्षक संजय कुमार मंडल को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार भत्ता प्रदान किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है। वहीं, इस घटना ने कानून-व्यवस्था के पालन में संवेदनशीलता, जवाबदेही और पेशेवर आचरण को लेकर एक नई बहस को जन्म दिया है।