बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस में घमासान मच गया है। पटना स्थित कांग्रेस ऑफिस में टिकट बंटवारे से नाराज़ कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाज़ी की। हंगामे को शांत कराने के लिए पूर्णिया सांसद पप्पू यादव खुद ऑफिस पहुंचे और जमीन पर बैठकर कार्यकर्ताओं से बातचीत की कोशिश की। लेकिन कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पार्टी ने गलत उम्मीदवारों को टिकट दिया, जिसकी वजह से कांग्रेस की यह स्थिति हुई।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि टिकट चयन में कई नेताओं की भूमिका संदिग्ध रही। इसी दौरान “टिकट चोर, गद्दी छोड़” और “वोट चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारे ऑफिस परिसर में गूंजते रहे। हंगामे के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम भी पार्टी ऑफिस पहुंचे, जहाँ उनके सामने भी नाराज़गी देखने को मिली। उन्होंने कहा कि जिसे भी शिकायत है, वह केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क करे।
महागठबंधन की हार में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और पार्टी सिर्फ छह सीटें जीत सकी। इस परिणाम के बाद असंतोष और खुलकर सामने आया। नाराज़ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सदाकत आश्रम में धरना-प्रदर्शन किया और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु तथा अध्यक्ष राजेश राम के इस्तीफे की मांग उठाई। कुछ कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए।