सरकार गठन के बाद आज नीतीश सरकार ने पहली कैबिनेट की मीटिंग की। कुल 6 एजेंडों पर मुहर लगी है। मीटिंग में युवाओं को रोजगार और बिहार में उद्योग लगाने को लेकर मुख्य सचिव के नेतृत्व में कमेटी बना दी गई है।
इसके साथ ही यह फैसला लिया गया है कि 1 से 5 दिसंबर तक विधानसभा का शीतकालीन सत्र बुलाया जाएगा। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधायक शपथ लेंगे। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा और नेता प्रतिपक्ष की भी घोषणा की जाएगी।
राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, ये शुरू से ही हम लोगों की प्राथमिकता रही है। सात निश्चय-2 के तहत वर्ष 2020-25 के बीच राज्य में 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार दिया गया है।
अगले 5 साल (2025-30) में हम लोगों ने 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। नई सरकार के गठन के बात राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध करने के लिए हमलोगों ने तेजी से काम शुरू कर दिया है।
बदलते बिहार के विकास की गति को बल देने हेतु बिहार में प्रौद्योगिकी और सेवा आधारित नवाचारों की न्यू ऐज इकोनॉमी (New Age Economy) के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु इस क्षेत्र की बिहार से संबंध रखने वाले अग्रणी उद्यमियों के सुझाव प्राप्त कर योजनाओं और नीतियों का निर्धारण किया जाएगा। साथ ही बिहार को एक 'वैश्विक-Back end-Hub' एवं 'ग्लोबल वर्क प्लेस' के रूप में विकसित एवं स्थापित करने हेतु महत्वपूर्ण विभागों, प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के सहयोग से एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
बिहार की जनसंख्या में युवाओं की भागीदारी काफी अधिक है। इसको सार्थक दिशा देने पर बिहार देश का सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य बन सकता है। बिहार को पूर्वी भारत के नए टेक्नोलॉजी हब (Technology Hub) के रूप में विकसित किया जाएगा।
बिहार में नई चीनीमिलों की स्थापना और पुरानी बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर चालू करने के लिए नई नीति बनाई गई है। इन सभी बिन्दुओं पर कार्ययोजना तैयार करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी गई है। राज्य में औद्योगिक विकास एवं अगले 5 वर्षों में युवाओं को नौकरी और रोजगार के लिए हमलोगों ने तेजी से काम शुरू कर दिया है और जो काम हमलोग शुरू करते हैं, उसे पूरा करते हैं।