नीतीश मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव किया गया है। 20 साल बाद नीतीश कुमार ने गृह विभाग छोड़ा है। ये विभाग अब BJP के पास चला गया है। डिप्टी CM सम्राट चौधरी गृह विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
BJP ने वित्त विभाग JDU को दिया है। बिजेंद्र यादव ऊर्जा के साथ वित्त विभाग का जिम्मा भी देंखेंगे। इसके साथ ही मंगल पांडे को फिर से स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा सौंपा है।
पहली बार मंत्री बनीं नेशनल शूटर श्रेयसी सिंह को खेल विभाग दिया गया है। HAM के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन का विभाग नहीं बदल गया। वे फिर से लघु जल संसाधन विभाग के मंत्री होंगे।
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के पास भूमि एवं राजस्व विभाग के अलावा खान एवं भू-तत्व विभाग मिला है। हालांकि इनसे कृषि विभाग लेकर बीजेपी कोटे से मंत्री बने रामकृपाल यादव को दिया गया है।
दिलीप जायसवाल उद्योग मंत्री बनाए गए हैं। नितिन नवीन को पत्र निर्माण विभाग के साथ-साथ नगर विकास एवं आवास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शुक्रवार देर शाम 26 मंत्रियों को विभाग बांट दिए गए हैं। 20 नवंबर को नीतीश कुमार के साथ सभी मंत्रियों ने शपथ ली थी। शपथ लेने 24 घंटे बाद विभागों का बंटवारा हुआ है।
कानून-व्यवस्था की पूरी कमानः पूरा पुलिस विभाग (DGP, ADG, IG, SP, DSP) सीधे गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करेंगे। हिंसा, दंगे, बड़े अपराध, भीड़ नियंत्रण, महत्वपूर्ण गिरफ्तारियों में अंतिम निर्णय उन्हीं का होगा।
IPS अधिकारियों की पोस्टिंग, ट्रांसफर और सस्पेंशनः SP, DIG, IG जैसे पदों पर किसको कहां रखना है गृह मंत्री करेंगे। यह अधिकार राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है।
नक्सल, ऑर्गनाइज्ड क्राइम और गैंगस्टर पर कार्रवाई का संचालनः नक्सल प्रभावित जिलों की नीति, ऑपरेशन ग्रीन हंट/सर्च ऑपरेशन जैसी गतिविधियां गृह मंत्री की मंजूरी से चलती हैं। बड़े गैंग्स पर CIDD, STF या SOG लगाने का फैसला भी गृह मंत्री करता है।