बिहार चुनाव दो फेज में होंगे। 6 और 11 नवंबर को वोटिंग, नतीजे 14 नवंबर को। चुनावी प्रक्रिया 40 दिन चलेगी। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इन चुनावों के लिए SIR के तहत वोटिंग लिस्ट अपडेट की गई है। जो नाम छूट गए हैं, वे नॉमिनेशन से 10 दिन पहले तक जुड़वाए जा सकते हैं। ऐसे वोटर्स को नए वोटर कार्ड मिलेंगे।
बिहार विधानसभा में 243 सीटें हैं, जिनमें करीब 7.42 करोड़ वोटर हैं। इनमें 100 साल ऊपर के 14 हजार वोटर शामिल हैं। पोलिंग बूथ जाने में असमर्थ लोग फार्म 12 D भरकर घर से वोट डाल सकेंगे। राज्य में 14 लाख लोग पहली बार वोट डालेंगे। बिहार में बूथ तक मोबाइल ले जा सकेंगे।
एक बूथ पर 1200 से ज्यादा वोटर नहीं होंगे, पोलिंग बूथों की 100% वेबकास्टिंग की जाएगी, EVM पर प्रत्याशियों की रंगीन तस्वीर लगेगी, बूथ तक वोटर मोबाइल लेकर जा सकेंगे। बूथ सेंटर से 100 मीटर की दूरी पर पोलिंग एजेंट बैठ सकेंगे।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार बिहार में कुल 90,712 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां औसतन प्रति केंद्र 818 मतदाता रजिस्टर्ड हैं।
इनमें से 76,801 मतदान केंद्र ग्रामीण इलाकों में हैं, जबकि 13,911 शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था (100%) की गई है। साथ ही, 1,350 मॉडल मतदान केंद्र भी स्थापित किए गए हैं ताकि मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें