बिहार के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, पढ़ाई के साथ कमाई भी, हर महीने मिलेंगे 12,300 रुपये
बिहार के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। स्नातक (ग्रेजुएशन) कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। छात्रों को पढ़ाई के साथ इंडस्ट्री में काम करने का अनुभव मिलेगा और हर महीने 12,300 रुपये का स्टाइपेंड भी मिलेगा।
बिहार के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। स्नातक (ग्रेजुएशन) कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में अब अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम लागू किया जाएगा। इसके तहत छात्रों को पढ़ाई के साथ इंडस्ट्री में काम करने का अनुभव मिलेगा और हर महीने 12,300 रुपये का स्टाइपेंड भी मिलेगा। अब छात्रों को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना होगा।
बिहार के विश्वविद्यालयों में अब चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के साथ अंडर ग्रेजुएट अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (UAEDP) लागू किया जाएगा। इसके तहत छात्रों को पढ़ाई के साथ इंडस्ट्री में काम करने का अनुभव मिलेगा और हर महीने 12,300 रुपये का स्टाइपेंड भी मिलेगा।
अगले शैक्षणिक सत्र से सभी विश्वविद्यालयों में इस कार्यक्रम को लागू करने की तैयारी है। फिलहाल इस सत्र से चार विश्वविद्यालयों-पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय और बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में इसे लागू करने पर सहमति बन चुकी है।
पढ़ाई के दौरान उन्हें किसी उद्योग या संस्थान में अप्रेंटिसशिप करनी होगी। अप्रेंटिसशिप का मूल्यांकन भी होगा और इसके अंक अंतिम डिग्री में शामिल किए जाएंगे। चार वर्षीय पाठ्यक्रम में 75 प्रतिशत हिस्सा पारंपरिक अकादमिक अध्ययन का होगा, जबकि 25 प्रतिशत हिस्सा इंडस्ट्री आधारित अप्रेंटिसशिप को समर्पित रहेगा। तीसरे वर्ष में अप्रेंटिसशिप करना अनिवार्य होगा। पढ़ाई के साथ उद्योगों और कंपनियों में काम का अनुभव मिलेगा।
अगले शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालयों में योजना शुरू होगी। पटना, पाटलिपुत्र, भागलपुर और बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से शुरुआत होगी। अप्रेंटिसशिप के अंक भी डिग्री में जोड़े जाएंगे। युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। एक तरह से सरकार छात्रों को इंटर्नशिप का मौका देने जा रही है। इसमें हर महीने 12,300 रुपये मिलेंगे। इस प्रकार अब छात्रों को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना होगा।
इस पाठ्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को कुल डिग्री अवधि के दौरान एक से चार सेमेस्टर (लगभग एक से दो वर्ष) तक किसी कंपनी, उद्योग या संस्थान में अप्रेंटिसशिप करनी होगी। इस दौरान उन्हें हर महीने 12,300 रुपये का स्टाइपेंड भी मिलेगा। इसके तहत छात्रों को पढ़ाई के साथ उद्योगों में प्रशिक्षण मिलेगा और अप्रेंटिसशिप के दौरान हर महीने कमाई का मौका भी मिलेगा।