बिहार की स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव, व्हाट्सएप चैनलों से जुड़ेंगे शिक्षक, शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला
बिहार की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं को व्हाट्सएप चैनलों से जोड़ने की नई जिम्मेदारी सौंपी है।
बिहार की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है। क्लास 1 से 8वीं तक शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के लिए शिक्षा विभाग अब शिक्षकों को व्हाट्सएप चैनलों से जोड़ेगा। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं को व्हाट्सएप चैनलों से जोड़ने की नई जिम्मेदारी सौंपी है।
बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं को व्हाट्सएप चैनलों से जोड़ने का आदेश दिया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने इसे लेकर लेटर जारी किया है। जारी निर्देश में सभी सरकारी शिक्षक-शिक्षिकाओं को विभाग के विभिन्न व्हाट्सएप चैनलों से अनिवार्य रूप से जुड़ने को कहा है। इसके माध्यम से शिक्षक विद्यार्थियों के मार्गदर्शक और परामर्शदाता की भूमिका निभाएंगे तथा गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन को बढ़ावा देंगे। इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों के लर्निंग आउटकम में सुधार लाना है।
निर्देश के अनुसार प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षक अपने-अपने वर्ग के विद्यार्थियों के लिए मेंटर की भूमिका निभाएंगे। इसके तहत राज्य स्तर पर चार अलग-अलग व्हाट्सएप चैनल बनाए गए हैं, जिनसे संबंधित अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को अनिवार्य रूप से जोड़ा जायेगा। शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए राज्य स्तर पर चार अलग-अलग व्हाट्सएप चैनल बनाए हैं। इनमें फाउंडेशनल स्टेज (कक्षा 1-2), प्रिपरेटरी स्टेज (कक्षा 3-5), मिडिल स्टेज (कक्षा 6-8) और कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर के लिए अलग-अलग चैनल शामिल हैं।
संबंधित जिला एवं प्रखंड स्तरीय शिक्षा पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक, शिक्षक, नोडल व्याख्याता और कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर से जुड़े सभी पदाधिकारियों को क्यूआर कोड या लिंक के माध्यम से जोड़ने का निर्देश दिया गया है। निदेशक के मुताबिक़ इन व्हाट्सएप चैनलों के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियों, मेंटरिंग कार्यक्रमों, प्रशिक्षण सामग्री और विभागीय दिशा-निर्देशों का त्वरित आदान-प्रदान किया जाएगा। इससे शिक्षकों को समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध होगी और बच्चों के लर्निंग आउटकम में गुणात्मक सुधार लाने में मदद मिलेगी।
शिक्षा विभाग ने स्कूली शिक्षा के अलग-अलग फेज के अनुसार चार व्हाट्सएप चैनल तैयार किए हैं-
फाउंडेशनल स्टेज (क्लास 1-2)
प्रिपरेटरी स्टेज (क्लास 3-5)
मिडिल स्टेज (क्लास 6-8)
कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर (सीआरसी)
इन चैनलों के माध्यम से संबंधित अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और संसाधन केंद्रों के प्रभारी आपस में जुड़ेंगे और शैक्षणिक गतिविधियों, ट्रेनिंग, मार्गदर्शन और मॉनिटरिंग से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे। प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को व्हाट्सएप चैनलों से जोड़ने की प्रक्रिया जल्द पूरी कराएं। शिक्षा विभाग के इस कदम को डिजिटल माध्यम से शिक्षकों तक जल्द सूचना पहुंचाने और स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों के लर्निंग आउटकम में सुधार लाना है।