सुपौल में निकला मोहर्रम का भव्य ताजिया जुलूस, हिंदू भी हुए शामिल, तिरंगे के साथ दिखी एकता की झलक
सुपौल में मोहर्रम पर्व के अवसर पर शनिवार को जिला मुख्यालय सुपौल में भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। शहर के विभिन्न वार्डों और मोहल्लों से बड़ी संख्या में लोग ताजिया लेकर जुलूस में शामिल हुए।
सुपौल में मोहर्रम पर्व के अवसर पर शनिवार को जिला मुख्यालय सुपौल में भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। शहर के विभिन्न वार्डों और मोहल्लों से बड़ी संख्या में लोग ताजिया लेकर जुलूस में शामिल हुए। धार्मिक आस्था और आपसी भाईचारे के संदेश के साथ निकला यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए महावीर चौक पहुंचा, जहां सभी ताजिया एकत्रित किए गए। इस दौरान पूरा शहर सौहार्द और शांतिपूर्ण माहौल में नजर आया।
जुलूस में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सामाजिक एकता की मिसाल पेश की। लोगों ने एक-दूसरे को मोहर्रम पर्व की शुभकामनाएं देते हुए आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। जुलूस में मोहर्रम के झंडों के साथ तिरंगा झंडा भी लहराता नजर आया, जो देश की एकता, अखंडता और आपसी मेल-मिलाप का प्रतीक बना रहा।
ताजिया जुलूस में सुपौल नगर परिषद के अध्यक्ष राघवेंद्र झा राघव, खोखा बाबू, विनय सिंह सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए। उन्होंने जुलूस में शामिल लोगों का उत्साह बढ़ाया और शांतिपूर्ण तरीके से पर्व मनाने की अपील की। लोगों ने कहा कि सुपौल की पहचान हमेशा से आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब के लिए रही है और ऐसे आयोजन इस परंपरा को और मजबूत करते हैं।
मोहर्रम जुलूस को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट रहा। सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस और सदर डीएसपी संभाल रहे थे। दोनों अधिकारियों ने जुलूस के मार्गों का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। महिला थाना प्रभारी भी पुलिस टीम के साथ जुलूस में मौजूद रहीं और पूरे मार्ग पर नजर बनाए रखीं। सुरक्षा को लेकर शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
प्रशासन और आम लोगों के बेहतर समन्वय के कारण जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। जुलूस में शामिल लोगों ने कहा कि मोहर्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि त्याग, शांति और भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है।
सुपौल में निकले इस ताजिया जुलूस ने एक बार फिर जिले की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा को मजबूत किया। तिरंगे के साथ निकला यह जुलूस लोगों को देश की एकता और आपसी प्रेम का संदेश देता नजर आया।
रिपोर्टर:-कुणाल कुमार