धमसेना गांव में उमड़ा जनसैलाब, रोशन आनंद के पहुंचते ही प्रिंस यादव का किया गया अंतिम संस्कार

पटना के चर्चित कोचिंग संचालक रोशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में हुई संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव धमसेना में अंतिम संस्कार किया गया ।

धमसेना गांव में उमड़ा जनसैलाब, रोशन आनंद के पहुंचते ही प्रिंस यादव का किया गया अंतिम संस्कार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: Jun 16, 2026, 11:26:00 AM

पटना के चर्चित कोचिंग संचालक रोशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में हुई संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव धमसेना में हजारों लोगों की भीड़ जुट गई। सोमवार को रोशन आनंद के गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार को लेकर चल रहा असमंजस समाप्त हो गया और दाह संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने भी गांव में विशेष व्यवस्था की है।

नेपाल के विराटनगर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए प्रिंस यादव का शव रविवार देर शाम उनके पैतृक गांव धर्मसेना पहुंचा था। शव पहुंचते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। देखते ही देखते गांव में हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद ग्राम पंचायत की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सहरसा पुलिस अधीक्षक से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की गई।

सोमवार सुबह से ही गांव में लोगों का हुजूम उमड़ता रहा। रोशन आनंद को जमानत मिलने और उनके छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने की सूचना के बाद आसपास के जिलों और दूर-दराज के क्षेत्रों से भी छात्र और समर्थक धर्मसेना पहुंचने लगे। गांव की सड़कों पर लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती रही।

इस बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। देर रात से ही नेताओं का गांव पहुंचना शुरू हो गया था। बताया जाता है कि सबसे पहले पूर्णिया सांसद Pappu Yadav ने पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी।

प्रिंस यादव के साथ नेपाल गए कुछ लोगों का दावा है कि वह लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाने के क्रम में उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि परिजनों ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया है। परिवार की ओर से मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए गए और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग भी सामने आई।

गांव में बढ़ती भीड़ और संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए। दोपहर बाद लंबे इंतजार के बाद रोशन आनंद पटना से सीधे अपने गांव धमसेना पहुंचे। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने उन्हें भीड़ से अलग सुरक्षित तरीके से उनके घर तक पहुंचाया। रोशन आनंद के पहुंचते ही लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई।

परिवार के बीच कुछ समय बिताने के बाद रोशन आनंद घर की छत पर आए और वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया। उन्होंने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को खारिज करते हुए परिजनों और उपस्थित लोगों से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आग्रह किया। इसके बाद दाह संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं। सुबह से गांव में मौजूद भारी भीड़ भी रोशन आनंद से मुलाकात के बाद धीरे-धीरे कम होती दिखाई दी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।