पूर्णिया स्थित विद्या विहार आवासीय विद्यालय ने एक बार फिर सीबीएसई कक्षा 10 (AISSE 2026) परीक्षा में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपनी शैक्षणिक श्रेष्ठता को साबित किया है। वर्ष 1996 से शुरू हुई संस्थान की शैक्षणिक यात्रा ने 30 वर्षों में जिस गुणवत्ता और अनुशासन की पहचान बनाई है, वह इस वर्ष के परिणामों में भी स्पष्ट रूप से झलकती है।
इस बार विद्यालय का समग्र औसत (बेस्ट ऑफ फाइव) 85.7 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और सुव्यवस्थित शैक्षणिक माहौल का परिणाम माना जा रहा है।
सत्र 2026 में कुल 226 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जो अब तक की सर्वाधिक संख्या है। इनमें 177 छात्र और 49 छात्राएँ शामिल थीं। इनमें से 222 विद्यार्थी सफल रहे, जिससे विद्यालय का परिणाम अत्यंत प्रभावी रहा।
उच्च अंकों की बात करें तो 17 छात्रों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए, जबकि 90 प्रतिशत से ऊपर अंक प्राप्त करने वालों की संख्या 86 रही। वहीं 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 180 छात्र रहे और 75 प्रतिशत से ऊपर अंक प्राप्त कर 198 विद्यार्थियों ने डिस्टिंक्शन प्राप्त किया। सभी सफल छात्र प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए।
इस वर्ष साकेत कुमार ने 97.6 प्रतिशत अंक हासिल कर विद्यालय में पहला स्थान प्राप्त किया। बालिका वर्ग में साक्षी कुमारी 95.4 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर रहीं। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी विद्यालय का सर्वोच्च स्कोर 97.6 प्रतिशत ही रहा, जो प्रदर्शन में निरंतरता को दर्शाता है।
इस श्रेणी में कुल 17 विद्यार्थियों ने अपनी जगह बनाई। इनमें साकेत कुमार, आर्यन राज, श्लोक कश्यप, मोहम्मद सईब नासिर, मयंक कुमार, श्रेष्ठ कुमार, अरमान कुमार, सम्पूर्णा, नमन कुमार गुप्ता, साक्षी कुमारी, एम.डी. अरसलान, कृष्णा राज, अभि रंजन, आराध्या, आयुष किशोर, अर्नव राज और सिद्धि कुमारी प्रमुख हैं।

















कंप्यूटर एप्लीकेशन में 9 विद्यार्थियों ने शत-प्रतिशत अंक प्राप्त कर विशेष उपलब्धि हासिल की। वहीं संस्कृत विषय में 4 छात्रों ने 100 में 100 अंक प्राप्त किए।
विषयवार सर्वोच्च अंक भी उल्लेखनीय रहे। अंग्रेज़ी में साकेत कुमार ने 98 अंक प्राप्त किए, जबकि हिंदी में कृष्णा राज ने 98 अंक हासिल कर दो दशक बाद यह उपलब्धि दोहराई। गणित (स्टैंडर्ड) में सम्पूर्णा ने 96 और गणित (बेसिक) में अरमान कुमारी ने 94 अंक प्राप्त किए। विज्ञान में आर्यन राज, श्लोक कश्यप और अभि रंजन ने 98 अंक अर्जित किए, जबकि सामाजिक विज्ञान में नमन कुमार गुप्ता, आर्यन राज और बाबू सागर ने 99 अंक प्राप्त किए।
विद्यालय का विषयवार औसत प्रदर्शन भी संतोषजनक रहा। अंग्रेज़ी में 80.9, हिंदी में 84.2, संस्कृत में 90.1, विज्ञान में 76.9 और सामाजिक विज्ञान में 90.2 औसत अंक दर्ज किए गए। कंप्यूटर एप्लीकेशन में 92.6 का औसत रहा, जबकि गणित में अपेक्षाकृत कम औसत (स्टैंडर्ड 63.5 और बेसिक 60.8) दर्ज हुआ।
विद्यालय के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रत्नेश्वर मिश्र ने कहा कि यह सफलता वर्षों से अपनाई जा रही गुणवत्ता आधारित शिक्षा प्रणाली का परिणाम है। सचिव राजेश चंद्र मिश्र ने इसे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के संयुक्त प्रयास का नतीजा बताया।
निदेशक आर.के. पॉल ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास पर केंद्रित है। वहीं प्राचार्य निखिल रंजन ने छात्रों की मेहनत और शिक्षकों के समर्पण को इस उपलब्धि का आधार बताया।
विद्या विहार आवासीय विद्यालय, पूर्णिया ने तीन दशकों में आधुनिक शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के समन्वय से अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इस वर्ष का परिणाम यह दर्शाता है कि संस्थान लगातार उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित कर रहा है।