यात्रियों के लिए खुशखबरी: पटना से काठमांडू–जनकपुर जाना हुआ आसान, बस सेवा नए साल में होगी बहाल

नये साल में पटना से काठमांडू और जनकपुर की बस सेवा फिर से शुरू होगी. इसके लिए ऐसे ऑपरेटर की तलाश की जा रही है, जो भारत और नेपाल सरकार के बीच बनी सहमति के तहत निर्धारित शर्तों को पूरा कर सके.

यात्रियों के लिए खुशखबरी: पटना से काठमांडू–जनकपुर जाना हुआ आसान, बस सेवा नए साल में होगी बहाल
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Dec 24, 2025, 3:55:00 PM

नये साल में पटना से काठमांडू और जनकपुर की बस सेवा फिर से शुरू होगी. इसके लिए ऐसे ऑपरेटर की तलाश की जा रही है, जो भारत और नेपाल सरकार के बीच बनी सहमति के तहत निर्धारित शर्तों को पूरा कर सके. 

2019 में भारत और नेपाल सरकार के बीच अंतरदेशीय बस सेवा चलाने पर बनी सहमति के बाद भारत नेपाल मैत्री बस सेवा शुरू हुई थी. इसके अंतर्गत पटना से काठमांडू और जनकपुर के लिए बस सेवा शुरू हुई थी. दोनों शहरों के लिए पटना से दो-दो बसें चलती थीं. इनमें दोनों शहरों के लिए पटना से एक-एक बसें भारतीय ऑपरेटर, जबकि काठमांडू व जनकपुर से पटना के लिए एक एक-एक बसें नेपाली ऑपरेटर द्वारा चलायी जाती थीं.

यह बस सेवा पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर चलाई जा रही थी। नेपाली ऑपरेटर द्वारा संचालित बसें अब भी चल रही हैं, लेकिन भारतीय ऑपरेटर की बस सेवा पिछले करीब छह महीनों से बंद है। इसकी वजह भारतीय ऑपरेटर का कॉन्ट्रैक्ट पीरियड समाप्त होना है। बीएसआरटीसी ने निजी ऑपरेटर के साथ सीमित अवधि के लिए अनुबंध किया था। टेंडर की शर्तों के अनुसार बसों का नया होना अनिवार्य था। पांच साल तक सेवा देने के बाद भारतीय ऑपरेटर की बसें पुरानी हो चुकी थीं, जिस कारण उसके कॉन्ट्रैक्ट का नवीनीकरण नहीं हो सका।

भारत–नेपाल मैत्री बस सेवा के तहत पटना से काठमांडू पहुंचने में लगभग 20 घंटे लगते हैं, किराया 1250 रुपये है। तो वहीं पटना से जनकपुर की यात्रा लगभग 6 घंटे में पूरी होती है, किराया 375 रुपये है। बसें 44 सीटर हैं, जिनमें केवल बैठने की सुविधा उपलब्ध है। अब नए ऑपरेटर के चयन के बाद उम्मीद की जा रही है कि नए साल से पटना से काठमांडू और जनकपुर की बस सेवा फिर से नियमित रूप से शुरू हो जाएगी।