जश्न नहीं, जनसेवा से नए वर्ष का स्वागत: रोहित कुमार सिंह ने ठंड में जरूरतमंदों को बांटे कंबल

पटना में नए वर्ष के आगाज़ के साथ ही मानवता और सेवा का एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। जब पूरा शहर जश्न में डूबा था, उसी आधी रात युवा चेतना के प्रमुख रोहित कुमार सिंह सड़कों पर उतरे—हज़ारों कंबलों के साथ, ठंड से जूझ रहे जरूरतमंदों की सेवा के लिए।

जश्न नहीं, जनसेवा से नए वर्ष का स्वागत: रोहित कुमार सिंह ने ठंड में जरूरतमंदों को बांटे कंबल
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 01, 2026, 11:55:00 AM

पटना में नए वर्ष के आगाज़ के साथ ही मानवता और सेवा का एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। जब पूरा शहर जश्न में डूबा था, उसी आधी रात युवा चेतना के प्रमुख रोहित कुमार सिंह सड़कों पर उतरे—हज़ारों कंबलों के साथ, ठंड से जूझ रहे जरूरतमंदों की सेवा के लिए।

पटना की सड़कों, फुटपाथों और झुग्गी इलाकों में रोहित कुमार सिंह और उनकी टीम ने नए साल का स्वागत सेवा कार्य से किया। ठंड में कांप रहे बुज़ुर्गों, महिलाओं और बच्चों को कंबल बांटते हुए रोहित ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ना ही उनके जीवन का लक्ष्य है।

रोहित कुमार सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे राजनीति में सत्ता के लिए नहीं, सेवा के उद्देश्य से आए हैं। उन्होंने कहा, “हम साल में सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि सालों भर सड़कों पर उतरकर लोगों की सेवा के लिए समर्पित रहते हैं। सेवा ही हमारी पहचान है।”

उन्होंने बताया कि युवा चेतना का लक्ष्य केवल पटना या बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में एक लाख से अधिक जरूरतमंद लोगों तक कंबल पहुंचाना उनका संकल्प है। इसके लिए देशभर में अभियान चलाया जा रहा है।

रोहित कुमार सिंह ने यह भी कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा और समर्पण के विचारों से प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र ने उन्हें समाज के कमजोर वर्गों के लिए काम करने की प्रेरणा दी है।

नए वर्ष की इस ठंडी रात में, जब ज़्यादातर लोग जश्न मना रहे थे, तब रोहित कुमार सिंह और उनकी टीम ने यह संदेश दिया कि सच्चा उत्सव किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने में है। पटना की सड़कों पर यह सेवा कार्य नए साल की सबसे बड़ी प्रेरणा बनकर सामने आया।