पटना में दफादार और चौकीदारों का विरोध प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब उनकी मांगों को लेकर निकाली गई रैली पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। विभिन्न जिलों से सैकड़ों की संख्या में दफादार-चौकीदार राजधानी पहुंचे थे। सभी प्रदर्शनकारी गांधी मैदान के पास स्थित जेपी गोलंबर पर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे लंबे समय से मानदेय बढ़ाने, सेवा शर्तों में सुधार और अन्य लंबित मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। दोपहर बाद प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने जेपी गोलंबर पर लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़ दी और डाकबंगला चौराहा की ओर बढ़ने लगे।
स्थिति को देखते हुए डाकबंगला चौराहे पर भारी संख्या में पुलिस बल, दंगा नियंत्रण वाहन और अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर दी गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे आगे बढ़ने पर अड़े रहे। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया। लाठीचार्ज के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान आरा से आए चौकीदार प्रभु के सिर में चोट लग गई। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बताया