जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने गुरुवार को पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ कुमार दास के खिलाफ सचिवालय थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कर दी। इस कार्रवाई की जानकारी तेज प्रताप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की। उन्होंने बताया कि डिजिटल मंचों पर अमिताभ दास द्वारा उनके खिलाफ की गई अभद्र, असत्य और भ्रामक टिप्पणियों से वे आहत हैं।
तेज प्रताप यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ दास ने अपने "News Nama Channel" के जरिए उनकी छवि खराब करने की नीयत से अपमानजनक भाषा का प्रयोग, तथ्यहीन आरोप और निजी जीवन से जुड़े मनगढ़ंत बयान दिए। तेज प्रताप ने कहा कि एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी द्वारा उनकी निजी और पारिवारिक बातों पर असंवेदनशील और गलत टिप्पणी करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी वजह से उन्होंने दास के खिलाफ FIR दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है।
तेज प्रताप ने यह भी याद दिलाया कि अमिताभ दास का नाम कभी शबनम कांड में भी सामने आया था।
विवाद कैसे शुरू हुआ?
पूरा मामला उस समय तूल पकड़ा जब सरकार ने विधायक न रहने के कारण तेज प्रताप यादव का सरकारी आवास, 26 स्ट्रैंड रोड, SC/ST कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रोशन को आवंटित कर दिया। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए अमिताभ दास ने एक चैनल पर कहा था कि तेज प्रताप “दो पत्नियों के पति हैं”, इसलिए बंगला छिनने से उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी और वे कहीं भी जाकर रह सकते हैं।
तेज प्रताप ने इस टिप्पणी को अशोभनीय, आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण करार दिया।
पुराने विवादों का भी जिक्र
अपनी शिकायत में तेज प्रताप ने अमिताभ दास से जुड़े पुराने विवादों का उल्लेख किया, जिनमें शबनम कांड प्रमुख है। इस मामले में शबनम नाम की महिला ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने दास को क्लीन चिट दे दी थी। फिर भी तेज प्रताप का कहना है कि यह दर्शाता है कि दास का व्यवहार पहले भी सवालों में रहा है।
राजनीतिक हलचल तेज
तेज प्रताप द्वारा FIR दर्ज कराने के बाद राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ गई है। उनका कहना है कि सार्वजनिक मंचों पर किसी व्यक्ति—विशेषकर पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी—द्वारा बिना सबूत के व्यक्तिगत हमले करना अनुचित और निंदनीय है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई है।
अमिताभ दास, जो बिहार कैडर के 1994 बैच के अधिकारी रहे और 2018 में रिटायर हुए, इन दिनों अपना यूट्यूब चैनल चलाते हैं और विभिन्न राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर टिप्पणी करते हैं।