STET 2025 रिजल्ट पर बवाल, BSEB ऑफिस के बाहर अभ्यर्थियों का जोरदार प्रदर्शन, संशोधित रिजल्ट की कर रहे मांग

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यानी बीएसईबी कार्यालय के बाहर आज उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई, जब STET 2025 परीक्षा में असफल घोषित किए गए अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया

STET 2025 रिजल्ट पर बवाल, BSEB ऑफिस के बाहर  अभ्यर्थियों का जोरदार प्रदर्शन, संशोधित रिजल्ट की कर रहे मांग
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 12, 2026, 2:44:00 PM

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यानी बीएसईबी कार्यालय के बाहर आज उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई, जब STET 2025 परीक्षा में असफल घोषित किए गए अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र पटना स्थित बीएसईबी कार्यालय के बाहर जमा हो गए और बोर्ड पर गंभीर आरोप लगाए।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि STET 2025 के परिणाम गलत उत्तर कुंजी के आधार पर जारी किए गए हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान कई प्रश्नों के उत्तर गलत थे, जिसकी शिकायत उन्होंने पहले ही दर्ज कराई थी, लेकिन बोर्ड ने उन आपत्तियों पर कोई गंभीरता से विचार नहीं किया और बिना संशोधन किए ही अंतिम परिणाम घोषित कर दिया।

छात्रों ने मांग की है कि गलत उत्तर कुंजी के आधार पर जारी किए गए परिणाम को रद्द कर संशोधित रिजल्ट जारी किया जाए। अपनी मांगों को लेकर सैकड़ों छात्र धरने पर बैठ गए, जिसके चलते कुछ समय के लिए इलाके में यातायात भी प्रभावित हुआ। सड़क पर जाम की स्थिति बन गई, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए बज्र वाहन भी मंगवाया गया, ताकि आंदोलन किसी भी तरह से उग्र रूप न ले सके। हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और छात्रों ने नारेबाजी के जरिए अपनी बात रखी।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर सही उत्तरों के आधार पर मूल्यांकन किया जाता, तो हजारों छात्र परीक्षा में सफल हो सकते थे। छात्रों ने बोर्ड से पारदर्शिता बरतने और उनकी आपत्तियों की दोबारा समीक्षा करने की मांग की है।

गौरतलब है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 5 जनवरी को राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा STET 2025 का रिजल्ट जारी किया था। पेपर-1 और पेपर-2 को मिलाकर कुल 4.42 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 2.56 लाख अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए थे। वहीं बड़ी संख्या में अभ्यर्थी असफल रह गए, जिसके बाद अब बोर्ड के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आ रही है।

फिलहाल बोर्ड की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा।