बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में किशनगंज–बहादुरगंज फोरलेन को लेकर एक बेहद अहम और राहत भरी अपडेट सामने आई है। इस फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंचने वाला है और उम्मीद की जा रही है कि इसे जल्द ही आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
करीब 24.85 किलोमीटर लंबी यह फोरलेन सड़क NH-27 को NH-327E से जोड़ेगी। यह सड़क किशनगंज जिले के उत्तर रामपुर गांव से शुरू होकर बहादुरगंज के सताल इस्तमारार गांव तक बनाई जा रही है। खास बात यह है कि इस फोरलेन का निर्माण ग्रीनफील्ड मोड में किया जा रहा है, यानी मौजूदा टू लेन सड़क के समानांतर एक नई और आधुनिक सड़क तैयार की जा रही है।
फिलहाल इस रूट पर मौजूद टू लेन सड़क काफी जर्जर हालत में है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। फोरलेन के बन जाने से न सिर्फ सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, बल्कि भारी वाहनों की आवाजाही भी बेहद आसान हो जाएगी। साथ ही जाम की समस्या से भी लोगों को राहत मिलेगी।
वर्तमान में किशनगंज से बहादुरगंज तक का सफर तय करने में लगभग 45 मिनट का समय लगता है, लेकिन फोरलेन चालू होने के बाद यही दूरी महज 20 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे समय के साथ-साथ ईंधन की भी बड़ी बचत होगी।
इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना पर करीब 1117 करोड़ रुपये की लागत आ रही है और इसके निर्माण की निगरानी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा की जा रही है। गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
फोरलेन के बन जाने से सीमांचल क्षेत्र में व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, परिवहन आसान होगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अब लोगों को बस इसके पूरी तरह से शुरू होने का इंतजार है।