बिहार के रोहतास जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक विवाद गहराता नजर आ रहा है। सासाराम सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन पर पद के दुरुपयोग के जरिए कथित रूप से भारी संपत्ति जुटाने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले को लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग उठने लगी है।
यह आरोप मानव हित पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और स्थानीय समाजसेवी मनोज पाठक ने लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि डॉ. रंजन ने अपने पद का इस्तेमाल कर अवैध तरीके से बड़ी धनराशि एकत्र की। अपने आरोपों के समर्थन में उन्होंने सिवान मुफस्सिल थाने में दर्ज एक मामले का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, फरवरी 2024 में दर्ज इस प्राथमिकी में स्वयं डॉ. रंजन ने करोड़ों रुपये की रकम एक व्यक्ति को देने की बात स्वीकार की थी। यह राशि बैंकिंग माध्यमों सहित अन्य तरीकों से हस्तांतरित की गई बताई गई है, जिसकी पुष्टि पुलिस जांच में भी होने का दावा किया गया है।
मनोज पाठक ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर बताते हुए सवाल उठाया है कि एक सरकारी पद पर रहते हुए इतनी बड़ी रकम कैसे एकत्र की गई। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, राज्य स्वास्थ्य विभाग, प्रमंडलीय आयुक्त, रोहतास जिलाधिकारी और आर्थिक अपराध इकाई को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, जब इस संबंध में सिविल सर्जन से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने मीडिया और शिकायतकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, लेकिन आरोपों पर सीधा स्पष्टीकरण नहीं दिया।
इस मामले के सामने आने के बाद रोहतास स्वास्थ्य महकमे में हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि यदि आर्थिक अपराध इकाई ने मामले को गंभीरता से लिया, तो जांच का दायरा बढ़ सकता है और संबंधित अधिकारी के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाता है।