लैंड फॉर जॉब घोटाले में दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को फिलहाल राहत देते हुए आरोप तय करने का आदेश एक बार फिर टाल दिया है। अदालत ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव, मीसा भारती, हेमा यादव सहित कुल 14 आरोपियों के मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर निर्धारित की है।
कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह आरोपियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच पूरी कर उसकी रिपोर्ट दाखिल करे। जांच एजेंसी ने बताया था कि कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों की मौत हो चुकी है, जिसके चलते रिकॉर्ड की दोबारा पुष्टि आवश्यक है। माना जा रहा है कि 8 दिसंबर को इस बात पर अंतिम निर्णय हो सकता है कि आरोप तय किए जाएं या नहीं।
इससे पहले 10 नवंबर की सुनवाई में विशेष सीबीआई जज विशाल गोगने ने आदेश सुरक्षित रखते हुए फैसला 4 दिसंबर तक के लिए स्थगित किया था। आज भी अदालत ने आरोप तय करने का आदेश जारी नहीं किया, जिससे अब सभी की नजरें 8 दिसंबर की सुनवाई पर टिकी हैं।
गौरतलब है कि यह मामला उस अवधि से जुड़ा है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में नियुक्ति दिलाने के बदले उम्मीदवारों से जमीनें ली गईं और बाद में ये संपत्तियाँ लालू परिवार या उनके रिश्तेदारों के नाम कर दी गईं। सीबीआई का कहना है कि पूरा मामला भ्रष्टाचार और पद का दुरुपयोग से संबंधित है।