बिहार की राजधानी पटना से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच तेज हो गई है और अब कार्रवाई की आंच पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास तक पहुंच गई है।
जानकारी के मुताबिक, चित्रगुप्त नगर थाना में दर्ज एफआईआर के आधार पर पटना पुलिस ने अमिताभ दास के आवास पर छापेमारी की। आरोप है कि उन्होंने इस मामले में कई गंभीर और भ्रामक बयान दिए थे, जिसके बाद पुलिस ने संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य संभावित साक्ष्य जुटाने की कोशिश की है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, इस हाई प्रोफाइल मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने भी एफआईआर दर्ज कर ली है। CBI ने केस नंबर 75/26 के तहत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सूत्रों के अनुसार, CBI की टीम पटना से इस केस से जुड़ी अहम फाइलें लेकर दिल्ली रवाना हो गई है और अब जांच की कमान पूरी तरह केंद्रीय एजेंसी के हाथ में है।
इस घटना को लेकर राज्यभर में भारी हंगामा हुआ था, जिसके बाद मामला CBI को सौंपने की मांग तेज हो गई थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर राज्य सरकार ने CBI जांच की सिफारिश की थी। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर छात्रा की मौत के पीछे सच्चाई क्या है और जांच में किन-किन नामों का खुलासा होता है।
पुलिस मॉनिटरिंग में पाया गया कि एक्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर चित्रगुप्तनगर थाना कांड संख्या 44/26 से संबंधित मामले में अमिताभ दास और अन्य ने तथ्यहीन और भड़काऊ पोस्ट डाले हैं।
पुलिस के अनुसार, इन पोस्ट और वीडियो में लगाए गए गंभीर आरोप शुरुआती जांच में तथ्यों पर आधारित नहीं पाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन पोस्ट के जरिए मामले की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।